मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी स्थित माता सीता की जन्मस्थली, पुनौरा धाम में विश्वस्तरीय जानकी मंदिर का निर्माण कार्य अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है. अयोध्या के राम मंदिर की भव्यता की तर्ज पर बनने वाले इस मंदिर का डिजाइन फाइनल हो गया है. इसे ‘बिहार की अयोध्या’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो आने वाले समय में रामायण सर्किट का सबसे प्रमुख केंद्र बनेगा.
890 करोड़ की मेगा परियोजना और भूमि अधिग्रहण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 890 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है. मंदिर और उसके आसपास के परिसर को 50-68 एकड़ भूमि पर विस्तार दिया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अगस्त 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से इसका शिलान्यास किया था. इस पवित्र अवसर पर देश की 11 प्रमुख नदियों के जल का उपयोग किया गया, जो इसकी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है.
गुलाबी पत्थरों से निर्मित होगा 151 फीट ऊंचा गर्भगृह
यह भव्य मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध गुलाबी बलुआ पत्थरों से बनाया जाएगा. मंदिर की संरचना में बहु-शिखर वाली छतें और एक विस्तृत परिक्रमा पथ शामिल होगा. मुख्य मंदिर का गर्भगृह 151 फीट ऊंचा होगा, जो दूर से ही अपनी भव्यता का अहसास कराएगा. परियोजना के ब्लूप्रिंट के अनुसार, यहाँ एक अत्याधुनिक डिजिटल गैलरी, ध्यान केंद्र और विशाल पुस्तकालय भी बनाया जाएगा.
नारी सशक्तिकरण और शोध का बनेगा केंद्र
धार्मिक आस्था के साथ-साथ श्री रामायण रिसर्च काउंसिल यहाँ नारी सशक्तिकरण केंद्र और शोध संस्थान की स्थापना भी करेगी. जानकी मंदिर का यह पूरा परिसर 2028 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है. स्थानीय संतों और भक्तों में इस परियोजना को लेकर भारी उत्साह है. जानकारों का मानना है कि इस मंदिर के निर्माण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीतामढ़ी वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा.
