Sitamarhi News: एक ओर जहां भीषण गर्मी में जिले के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सीतामढ़ी जंक्शन के पश्चिमी फाटक स्थित रेलवे कॉलोनी में घोर लापरवाही सामने आ रही है. यहां की पानी टंकी से प्रतिदिन हजारों लीटर स्वच्छ पानी बर्बाद होकर सड़कों पर बह रहा है. बुधवार की सुबह भी टंकी घंटों ओवरफ्लो होती रही, लेकिन मोटर बंद करने वाला कोई नहीं था.
रेल कर्मियों की लापरवाही से गहरा रहा संकट
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रेलवे कॉलोनी में जलापूर्ति के लिए जिम्मेदार कर्मी मोटर चालू कर छोड़ देते हैं. टंकी भरने के बावजूद घंटों पानी गिरता रहता है, जिससे न केवल पानी की बर्बादी हो रही है बल्कि सड़क पर जलजमाव की स्थिति भी बन रही है. स्थानीय निवासी शोभा शेषाद्री ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि एक तरफ आम जनता के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, वहीं यहां रोज हजारों लीटर पानी नाली में बहाया जा रहा है.
वरीय अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी
इस समस्या को लेकर मोहल्ले के लोगों ने कई बार स्टेशन अधीक्षक और अन्य वरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायत दी है. अधिकारियों ने संबंधित आईओडब्ल्यू (IOW) विभाग के कर्मियों को कड़ी हिदायत भी दी, लेकिन इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा है. कर्मियों की मनमानी के कारण रात-रात भर मोटर चलती रहती है.
सेंसर लगाने और कार्रवाई की मांग
पानी की इस बर्बादी को देखते हुए लोगों ने अब डीआरएम (समस्तीपुर) से हस्तक्षेप की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और टंकी में ‘ऑटोमैटिक सेंसर’ लगाया जाए ताकि टंकी भरते ही मोटर स्वतः बंद हो जाए. रेल अधिकारी रंजीत कुमार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कहा कि पानी की बर्बादी गंभीर विषय है और संबंधित विभाग से इस पर जवाब तलब किया जाएगा.
सीतामढ़ी से चंद्रमोहन झा की रिपोर्ट
