Sitamadhi News: नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की प्रक्रिया तेज हो गई है. दिल्ली से आई पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम पिछले शनिवार से शहर के विभिन्न कोनों का बारीकी से निरीक्षण कर रही है. इस सर्वेक्षण के आधार पर मिलने वाली रैंकिंग से ही तय होगा कि स्वच्छता के मानचित्र पर सीतामढ़ी का क्या स्थान होगा.
डोर-टू-डोर कचरा उठाव और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण
नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार के अनुसार, सर्वेक्षण टीम मुख्य रूप से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, डंपिंग यार्ड की कार्यप्रणाली और कंपोस्ट पिट की उपलब्धता की जांच कर रही है. टीम यह देख रही है कि कचरा प्रबंधन कितना वैज्ञानिक और प्रभावी है. साथ ही, शहर में ‘रेड स्पॉट’ (कूड़े के ढेर वाले स्थान) की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.
पर्यटन स्थलों और छठ घाटों पर विशेष नजर
टीम का भ्रमण केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं है. सर्वेक्षण टीम पर्यटन स्थलों, सार्वजनिक शौचालयों, नालों, पोखरों और प्रमुख छठ घाटों की साफ-सफाई का जायजा ले रही है. टीम स्थानीय नागरिकों से फीडबैक भी ले रही है ताकि यह पता चल सके कि स्वच्छता अभियान का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ा है.
बेहतर रैंकिंग के लिए जनभागीदारी जरूरी
निरीक्षण के बाद यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर सीतामढ़ी की स्वच्छता रैंकिंग जारी होगी. नगर निगम प्रशासन ने सभी शहरवासियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं और कचरा सीधे निगम की गाड़ियों को ही दें, ताकि सीतामढ़ी इस बार रैंकिंग में लंबी छलांग लगा सके.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
