Sitamarhi News: सीतामढ़ी जिले के पुपरी में ग्रामीण कार्य विभाग के तहत बनी मौलानगर से पुपरी तक की सड़क निर्माण योजना पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. करीब 51.124 लाख रुपये की लागत से बनी 3.180 किलोमीटर लंबी सड़क अपनी मेंटेनेंस अवधि के दौरान ही पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सड़क बनी हादसों का कारण
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संवेदक ने सड़क की देखरेख नहीं की. जयजय गिरि, रविंद्र साह और शंकर प्रसाद शर्मा समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है.
लोगों का कहना है कि सड़क पर डामर कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं. रात के समय यहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क एक साल भी सही हालत में नहीं रह सकी, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है. कार्यपालक अभियंता बिंदेश्वरी प्रसाद राम ने बताया कि संवेदक न तो सड़क का मेंटेनेंस कर रहा है और न ही निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा किया गया है.
उन्होंने कहा कि संवेदक को ब्लैकलिस्ट और टर्मिनेट करने के लिए विभाग को अनुशंसा भेज दी गई है.
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
फिलहाल सड़क की स्थिति विभागीय कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
सीतामढ़ी के पुपरी से बैद्यनाथ ठाकुर की रिपोर्ट
