सीतामढ़ी. हॉस्पीटल रोड में एक निजी क्लिनिक के संचालक डॉ मंजय कुमार से रंगदारी मांगने के दो दिन बाद तोड़फोड़ को लेकर पुलिस हमलावार छात्रों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. हालांकि 13 फरवरी को अस्पताल में तोड़फोड़ की घटना में शामिल एक भी आरोपित को पकड़ने में नगर थाना पुलिस को सफलता नही मिली है. इससे पीड़ित चिकित्सक व उनके शुभचिंतकों में असंतोष का माहौल बनता जा रहा है. इधर, पुलिस सूत्रों पर भरोसा करें तो अब तक जांच में यह सामने आ रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व जबरन छात्रावास में रहते हैं. वह छात्रावास के कुछ बदमाश प्रवृति के छात्रों के साथ समय-समय पर इस तरह की आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है. उनकी इस हरकत से छात्रावास में रहकर पढ़ने वाले छात्र भी परेशान है. इधर नगर थानाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन-चार हमलावार की पहचान कर ली गयी है, वह जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे. बताया गया कि गत 11 फरवरी की शाम 6.35 बजे 20 की शाम हॉस्पीटल रोड स्थित एक छात्रावास के लड़के क्लिनिक में घुसकर अस्पताल के कर्मी से रंगदारी में 5000 हजार रूपया मांगने लगे, नही देने पर मारपीट व तोड़-फोड़ की. मामले को लेकर डा मंजय कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर सहियारा थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी उमाकांत कुमार, बथनाहा के रौशन कुमार व गणेश कुमार के साथ कई अज्ञात युवकों को आरोपी बनाया गया था. डॉ मंजय द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई से नाराज होकर 13 फरवरी को फिर से छात्रों ने क्लिनिक में पहुंचकर मारपीट व तोड़फोड़ किया था. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपित रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया था. बोले अधिकारी
विनय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
