बाल श्रम मुक्ति: जिले के बाजपट्टी प्रखंड अंतर्गत पिपराढ़ी पंचायत को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. श्रम संसाधन विभाग, पंचायत बाल संरक्षण समिति और अदिथी कवच परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में यह विशेष पहल शुरू की गई है. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (एलईओ) अभय पांडेय के नेतृत्व में इस पंचायत का चयन कर जमीनी स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है.
घर-घर पहुंच रही टीम, बच्चों को स्कूल भेजने पर जोर
अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, शिक्षक और आंगनबाड़ी सेविकाएं एक साथ मिलकर मैदान में उतरे हैं. यह संयुक्त टीम गांव के हर टोले और मोहल्ले में पहुंचकर अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित कर रही है:
- शिक्षा की अनिवार्यता: अभिभावकों को समझाया जा रहा है कि कच्ची उम्र में बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है और उनकी वास्तविक जगह कार्यस्थल नहीं, बल्कि विद्यालय है.
- बाल श्रम के दुष्प्रभाव: परिवारों को जागरूक किया जा रहा है कि बाल मजदूरी से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रुक जाता है, इसलिए उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाना बेहद जरूरी है.
साझा प्रयास से साकार हो रहा संकल्प
इस जन-जागरूकता मुहिम में स्थानीय मुखिया ललित कापर, प्रधानाध्यापक रणधीर झा, असलम अंसारी, पंकज कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाएं और प्रखंड समन्वयक प्रशांत कुमार पूरी सक्रियता से जुटे हैं. सभी के समन्वित प्रयासों के चलते पंचायत में सकारात्मक बदलाव दिखने लगा है.
जल्द मिलेगी बाल श्रम मुक्त पंचायत की औपचारिक पहचान
अदिथी कवच परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक रोहित सिंह ने बताया कि यह केवल कागजी घोषणा का प्रयास नहीं है, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के साथ उसका बचपन लौटाने का एक सामूहिक संकल्प है. पंचायत में चल रहे सर्वेक्षण और निगरानी का काम पूरा होते ही पिपराढ़ी को विधिवत रूप से बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित कर दिया जाएगा.
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