तीन दिन बाद भी सेवानिवृत्त उपसचिव के घर डकैती का सुराग नहीं, एसआइटी टीम का गठन

सेवानिवृत्त उपसचिव रामाश्रय प्रसाद के घर हुई डकैती मामले में तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस टीम को अबतक कोई सुराग हासिल नहीं हो सका है.

सीतामढ़ी/परिहार. बेला थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव में बीते रविवार की रात बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के सेवानिवृत्त उपसचिव रामाश्रय प्रसाद के घर हुई डकैती मामले में तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस टीम को अबतक कोई सुराग हासिल नहीं हो सका है. मंगलवार की देर शाम एसपी अमित रंजन पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन किया तथा पीड़ित परिवार से पूरी जानकारी लिया. बताया गया है कि डाका कांड के उद्भेदन को लेकर एसपी ने विशेष अनुसंधान इकाई(एसआइटी) का गठन किया है. अपर पुलिस अधीक्षक सह सदर एसडीपीओ टू आशीष आनंद के नेतृत्व में गठित टीम में सुरसंड सर्किल इंस्पेक्टर के अलावा बेला और परिहार थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है. एसपी ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल(एसएसबी) 51वीं बटालियन के अधिकारियों के साथ बैठक किया. इसमें संवाद स्थापित कर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ रखने कै लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. वहीं, एसपी ने बेला थाना का औचक निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के दौरान थाना में हाजत, पहरा, ओडी, साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव का भी अवलोकन किया. संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.–

नेपाल पुलिस के संपर्क में एसआइटी

प्रथमदृष्टया पुलिस को डकैती में नेपाल के अपराधियों के शामिल होने की बात कही जा रही है. इसको लेकर एसआइटी नेपाल पुलिस के संपर्क में भी है. वहां डाका कांड के सक्रिय गिरोह से जुड़े अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है. वहीं, स्थानीय गिरोह से सक्रिय बदमाशों की तलाश को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई का दावा किया है.

खुली सीमा बनी चुनौती

भगवतीपुर गांव के बाद ही भारत-नेपाल की खुली सीमा है. ग्रामीण बताते हैं कि देर शाम के बाद सीमा पर एसएसबी जवान का पहरा नहीं रहता है. इस खुली सीमा का लाभ अपराधी तत्वों के लोग आसानी से उठा लेते हैं, और नेपाली अपराधी भारत सीमा व भारतीय अपराधी नेपाल सीमा में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि जबतक एसएसबी मुस्तैद रहते हैं आमजन निश्चिंत महसूस करते हैं. सीमा खाली होने के बाद आमजन असुरक्षित महसूस करते हैं. डकैती की घटना के रात्रि भी एसएसबी बॉर्डर पर मुस्तैद नहीं थी. इसलिए अपराधी आसानी से डाका डाल कर फरार हो गए.

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छले तीन वर्षों में जिले में डकैती की घटनाएं

वर्ष डकैती की संख्या2023 062024 072025 02

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Published by: Vinay pandey

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