मुन्ना मिश्रा हत्याकांड में पुलिस के हत्थे चढ़े हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजेश और कन्हाई

गुप्त सूचना मिलने पर एसपी अमित रंजन के निर्देश पर सदर एसडीपीओ वन रामकृष्णा ने हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजेश पासवान व कन्हैया ठाकुर को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है.

सीतामढ़ी. गुप्त सूचना मिलने पर एसपी अमित रंजन के निर्देश पर सदर एसडीपीओ वन रामकृष्णा ने हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजेश पासवान व कन्हैया ठाकुर को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के पास से हथियार बरामद होने की बात भी कही जा रही है. अभी हाल में कचौर के चर्चित मुखिया मुन्ना मिश्रा की हत्या में पुलिस को दोनों शातिर बदमाश की तलाश थी. जो मुखिया हत्याकांड के बाद भूमिगत हो गया था. पुलिस दोनों से सघन पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि दोनों कई मामलों का खुलासा करेंगे. –वर्ष 2024 में एक बार फिर सुर्खियों में आया राजेश और कन्हाई

वर्ष 2024 में चर्चित हत्याकांड में मुखिया मुन्ना मिश्रा की हत्या को राजनीतिक, सामाजिक व आपराधिक तीनों दृष्टिकोण से जोड़ कर हर लोग ने अपने-अपने तरीके से देखा था. 20 नवंबर 2024 को मुन्ना मिश्रा की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद हथियार व चोरी की बाइक के साथ जिले के रीगा थाना पुलिस के हत्थे चढ़ें शातिर बदमाश रौशन कुमार ने कचौर मुखिया मुन्ना मिश्रा हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने साथियों के नाम का खुलासा किया था. बताया था कि उस हत्याकांड में तीन अपाचे एक पल्सर बाइक राजेश पासवान व कन्हाई ठाकुर ने उपलब्ध कराया था. घटना कारित करने की जगह मोहनपुर चौक से आगे हरिहरपुर के पास तय किया गया था. चूंकि मुखिया उसी रास्ते से आता-जाता था. तय समय पर रौशन व समरजित साइकिल चौक पर जाकर इंतजार करने लगे. 8 बजे रात में कन्फर्म हुआ कि मुखिया निकल चुका है तो सभी लोग अपना-अपना जगह पकड़ लिए. बताया गया कि केटा चार चक्का से मुखिया जा रहा हैं. फुलकाहा मोड़ से समरजीत के पहचान का दो आदमी लाइनिंग कर रहा था. वह फुलकाहा मोड से मुखिया के गाड़ी के पीछे-पीछे साइकिल चौक तक आया, जहां से सभी लोग गाड़ी के पीछे हो गए. समरजित ने यह सूचना व्हाटसअप पर आगे दी. हरिहरपुर मोड़ के पास मुखिया की गाड़ी पहुंचते हीं स्कार्पियों से मुखिया की गाड़ी को रोक दिया गया. जिसके मुखिया की गाड़ी रूक गई. मुखिया के गाडी का शीशा तोड़ने के बाद विकेश दास, गौतम यादव, शशि यादव व सचीन पासवान गोली चलाने लगा. अन्य बदमाश हाथ में हथियार से राह चलते लोगो को डरा धमका कर भगा रहे थे. घटना के बाद सबलोग मोहनपुर की तरफ भाग गये.

–2010 में ताबड़तोड़ हत्याकांड से सुर्खियों में आया राजेश पासवान

वर्ष 2010 के आसपास राजेश पासवान एक साथ डबल मर्डर को लेकर अचानक सुर्खियों में आया था. उस वक्त राजेश ने हलेश्वर स्थान मंदिर के परिसर में सोये सत्यनारायण राय व उनके पुत्र की हत्या गोली मार कर दी थी. इसी तरह उसने शहर के पीलीकुटी के समीप छात्र नेता विजय पासवान व ओमप्रकाश की हत्या गोली मार कर दी थी. इसी प्रकार 27 फरवरी 2010 को राजेश ने रीगा थाना अंतर्गत चैनपुरा गांव के समीप रंजीतपुर पश्चिमी गांव निवासी सह राजस्व कर्मचारी शिवनारायण पासवान व उसके निजी अंगरक्षक को गोलियों से छलनी करते हुए हत्या कर दी थी.

–भू-माफियाओं के ईशारा पर भरत प्रसाद और उनकी पत्नी की हत्या

2010 के बाद रंगदारी, आर्म्स एक्ट व लूट की घटना को छोड़ दे तो तकरीबन सात-आठ साल तक भूमिगत रहने के बाद 8 अप्रैल 2018 को राजेश पासवान ने एक बार शहर के बीचों-बीच लीची बगान निवासी भरत प्रसाद व उनकी पत्नी मांडवी प्रसाद की गला दबाकर हत्या करने के मामले में आरोपित होकर अचानक सनसनी फैला दी. करोड़ों की संपत्ति के मालिक भरत प्रसाद व उनकी पत्नी की हत्या की तहकीकात करने के पीछे भू-माफियाओं का नाम सामने आया. इस हत्याकांड में कन्हाई ठाकुर का नाम भी सामने आया था.

बोले अधिकारी

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दोनों बदमाश को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है. उनके गिरोह के अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है. पुलिसिया कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जायेगी.

अमित रंजन, एसपी

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By Prabhat Khabar News Desk

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