फर्जी दस्तावेज गिरोह: स्थानीय थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस टीम ने धामीटोल मध्य विद्यालय के सामने स्थित चौक प्रिंटर एवं वीडियोग्राफी नामक दुकान पर औचक छापेमारी की. इस छापेमारी में अवैध तरीके से पहचान पत्र व दस्तावेज तैयार करने के काले कारोबार का खुलासा हुआ. पुलिस ने मौके से दुकान संचालक समेत दो जालसाजों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
आपस में साला-बहनोई हैं दोनों धंधेबाज
गिरफ्तार किए गए दोनों मुख्य आरोपियों की पहचान स्थापित कर ली गई है. यह दोनों रिश्ते में साला-बहनोई बताए जाते हैं:
- अमरेंद्र कुमार: पिता राकेश्वर कुमार सिंह, निवासी हनुमान नगर, थाना बेला.
- नितीश कुमार: पिता विष्णुदेव सिंह, निवासी अधगाई, थाना परिहार.
भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद
पुलिस ने दुकान की तलाशी के दौरान आधार कार्ड तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले कई आधुनिक उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए:
- उपकरण जब्ती: आसुस और एचपी कंपनी के दो लैपटॉप, दो उच्च क्षमता वाले वेब कैमरे, फिंगरप्रिंट स्कैनर, आईरिस डिवाइस और प्रिंटिंग मशीन.
- दस्तावेज व पर्चियां: मौके से आधार कार्ड से जुड़े 17 स्लिप तथा कई संदिग्ध कागजात जब्त किए गए.
- लैपटॉप में मिला डेटा: प्रारंभिक जांच में लैपटॉप के भीतर से पहचान पत्र निर्माण से जुड़े कई पुख्ता डिजिटल साक्ष्य और फर्जी डेटा मिले हैं.
वैध अनुमति दिखाने में रहे पूरी तरह विफल, जेल भेजे गए
पूछताछ के क्रम में पुलिस पदाधिकारियों ने दुकान संचालकों से पहचान पत्र निर्माण की अधिकृत आईडी, लाइसेंस और वैध दस्तावेज पेश करने को कहा, लेकिन दोनों आरोपी कोई भी संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके. थानाध्यक्ष पंकज यादव ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की सघन जांच जारी है.
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