एक किमी से लाना पड़ता है पानी, पोषाहार बंद

बोखड़ा : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चापाकलों के सूख जाने के चलते पेयजल की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है. पीएचइडी की ओर से गत दिन एक टैंकर पानी पहुंचाया गया था. टैंकर छोड़कर कर्मी लौट आये थे. ग्रामीण अपने स्तर से ट्रैक्टर की व्यवस्था कर टैंकर से पानी ला रहे थे. […]

बोखड़ा : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चापाकलों के सूख जाने के चलते पेयजल की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है. पीएचइडी की ओर से गत दिन एक टैंकर पानी पहुंचाया गया था. टैंकर छोड़कर कर्मी लौट आये थे. ग्रामीण अपने स्तर से ट्रैक्टर की व्यवस्था कर टैंकर से पानी ला रहे थे.

इस बीच, शुक्रवार की रात हुई बारिश से संबंधित व्यक्ति अपना ट्रैक्टर लेकर धान की रोपनी कराने चला गया. फलत: टैंकर से पानी की आपूर्ति बंद होने से पूरे गांव के लोग पानी के लिए दिन भर परेशान रहे. बनौल के आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सुनीता देवी ने बताया कि चापाकल सूख गया है. बच्चे आते ही सबसे पहले पानी का ही डिमांड करते है. पानी को डेढ़ किमी जाना पड़ता है. पोषाहार बंद है. अपने जेब से बच्चों को बिस्कुट खिलाते है.
वार्ड छह की मंजू राइन ने बताया कि घर में कोई बच्चा नहीं है. पति पंजाब में रहते है. कल तक टैंकर से पानी मिल जाता था. अब एक किमी से पानी लाना पड़ रहा है. खड़का की पंसस मुन्नी देवी व पीएचडी कर्मी अरुण लाल ने बताया कि उनके गांव में करीब 50 चापाकल ठप हो गया है. बोखड़ा के मो जमशैद, मो हफीब व महेश ठाकुर समेत अन्य ने बीडीओ को आवेदन देकर पेयजल की उत्पन्न समस्या से अवगत कराया है. साथ ही इस समस्या को शीघ्र ही दूर करने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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