डीडीसी आरोप का साक्ष्य दें तो दे दूंगी इस्तीफा: उमा

सीतामढ़ी : जिप अध्यक्ष की ओर से पूछे गये प्रश्नों का जवाब मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा नहीं दिया जाता है. बिना उनकी सहमति से विभिन्न अहम निर्णय ले लिया जाता है, पर मीडिया कर्मियों द्वारा पूछने पर उनके द्वारा बताया जाता है कि अध्यक्ष की सहमति से निर्णय लिया जाता है व उनके सभी प्रश्नों […]

सीतामढ़ी : जिप अध्यक्ष की ओर से पूछे गये प्रश्नों का जवाब मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा नहीं दिया जाता है. बिना उनकी सहमति से विभिन्न अहम निर्णय ले लिया जाता है, पर मीडिया कर्मियों द्वारा पूछने पर उनके द्वारा बताया जाता है कि अध्यक्ष की सहमति से निर्णय लिया जाता है व उनके सभी प्रश्नों का जवाब भी दिया जाता है.

पूर्व में डीडीसी द्वारा पंचम वित्त आयोग की राशि से योजनाओं को कार्यान्वित करने की स्वीकृति दी गयी व बाद में उसे पुन: निरस्त कर दिया गया, पर कई जिला पार्षदों द्वारा पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि अध्यक्ष व कुछ जिला पार्षदों के पत्र के आलोक में ऐसा किया गया है. जबकि इस संबंधन में उनके द्वारा कोई पत्र निर्गत नहीं किया गया है. इस प्रकार की मामले को लेकर जिप अध्यक्ष उमा देवी ने अपने बयान में कहा है कि यदि डीडीसी द्वारा इससे संबंधित प्रमाण प्रस्तुत किया जाता है तो वे अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा है कि डीडीसी द्वारा अपने आवास की मरम्मती पर करीब 20 लाख खर्च किया गया, पर उनसे अनुमोदन तो दूर संज्ञान में देना भी उचित नहीं समझा गया. जबकि अध्यक्ष निरीक्षण भवन में रह रही है. उनका किचेन शेड थोड़ी बरसात में ही चूने लगता है. जानकारी देने के बावजूद उनके द्वारा इसकी मरम्मत कराना उचित नहीं समझा जाता है. इस प्रकार की बहुत सारी छोटी-मोटी जरूरत भी पूरी नहीं की जाती है जबकि उनके संज्ञान में बार-बार बातों को लायी जाती है.

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