सदर अस्पताल में डीएम के निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा
निरीक्षण के दौरान नहीं थे महिलाव पुरुष चिकित्सक
सीतामढ़ी : सदर अस्पताल में महज 15 दिनों के अंदर चिकित्सकों की लापरवाही के कारण दो गर्भवती जच्चे व बच्चे की मौत को लेकर बुधवार की रात 10 बजे के डीएम डाॅ रणजीत कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया. सबसे पहले डीएम सर्जिकल वार्ड पहुंचे. वहां उपस्थित नर्स से महिला चिकित्सक की जानकारी ली.
नर्स ने बताया कि कोई महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं है. हद तो तब हो गयी जब पता चला कि पुरुष इमरजेंसी वार्ड में भी उस समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं हैं. उन्होंने प्रसव वार्ड में भरती वीणा देवी एक महिला मरीज के बार में जानकारी ली, जो बात उनके सामने आयी वह सुनकर डीएम चौंक गये. बताया गया कि महिला चिकित्सकों के अनुपस्थित में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को नर्स व ममता ने प्रसव कराया. इस बात से डीएम अचंभित रह गए.
उन्होंने बार-बार पूछा कि महिला चिकित्सक सही में नहीं आयी थी. डीएम ने दोनों मृतक जच्चा व बच्चा की बारे में विस्तार से जानकारी ली. जिसमें पता चला कि महिला चिकित्सक की ड्यूटी ऑन कॉल होने के कारण बराबर ऐसी घटना होती रहती है. तब उन्होंने साथ में खड़े सीएस डॉ रविंद्र कुमार को निर्देश दिया कि महिला चिकित्सक की ड्यूटी इमरजेंसी में 24×7 की व्यवस्था की जाए. उसके बाद उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया.
सोलर एनर्जी प्वाइंट की सदर अस्पताल में व्यवस्था होने के बावजूद प्राइवेट जेनसेट के ठेकेदार को महीना में लाखों रुपये देने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त किया. सदर अस्पताल में 10 सैफ जवानों की तैनाती हैं. निरीक्षण के दौरान सीएस डॉ रविंद्र कुमार, डॉ आरके यादव व डीपीआरओ परिमल कुमार मौजूद थे.
