बागमती में उफान, बाढ़ का संकट गहराया

बाढ़ का कहर. बागमती नदी तीन स्थानों पर खतरे के निशान के बह रही ऊपर सीतामढ़ी : नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रहे बारिश के साथ हीं जिले में पिछले तीन दिनों से हो रहीं बारिश के बाद इलाके की बागमती व अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी […]

By Prabhat Khabar Print Desk | July 6, 2017 4:37 AM

बाढ़ का कहर. बागमती नदी तीन स्थानों पर खतरे के निशान के बह रही ऊपर

सीतामढ़ी : नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रहे बारिश के साथ हीं जिले में पिछले तीन दिनों से हो रहीं बारिश के बाद इलाके की बागमती व अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. तेज बारिश के चलते बुधवार को बैरगनिया स्थित लाल बकेया नदी में आये उफान के बाद फुलवरिया घाट स्थित डायवर्सन नदी के तेज बहाव के चलते बह गया है. इसके बाद बैरगनिया का पड़ोसी जिला पूर्वी चंपारण से सड़क संपर्क भंग हो गया है. बागमती व अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रहीं है. बारिश के चलते बैरगनिया व बेलसंड में बांध पर रेनकट बन गये है. जिससे बांध की गोद में बसे इलाकों के लोग दहशत में है.
डुमरा: इलाके में जारी बारिश के बाद लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. बागमती नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान (डेंजर लेबल) से उपर बह रहीं है. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बागमती नदी का ढेंग रेलवे पुल के पास डेंजर लेबल 70.10 सेमी से 34 सेमी ऊपर बह रहीं है. वहीं सोना खान में डेंजर लेबल 68.80 सेमी से 14 सेमी उपर बह रहा है.
कटौझा में जलस्तर खतरे के निशान से 65 सेमी उपर बह रहा है. जबकि डुब्बाघाट में डैंजर लेबल के करीब 61.20 सेमी से 10 सेमी नीचे व चंदौली में डेंजर लेबल के करीब बह रहा है. इधर, अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है. बुधवार को 3 बजे तक रिकॉर्ड जलस्तर के अनुसार सोनबरसा में झीम नदी का जलस्तर 80.17 सेमी, सुंदरपुर में अधवारा नदी 59.42 सेमी, पुपरी में 56.26 सेमी व गोआवाड़ी में अधवारा नदी का जलस्तर 70.63 सेमी रिकॉर्ड किया गया है.
बैरगनिया . लगातार हो रही बारिश के कारण प्रखंड के लालबकेया व बागमती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. लालबकेया नदी में जलस्तर बढ़ जाने के कारण फुलवरिया घाट पर बना डायवर्सन पानी में बह गया है. लालबकेया नदी के फुलवरिया घाट पर 2010 में हुए नाव दुर्घटना में करीब एक दर्जन लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है. लालबकेया नदी के फुलवरिया घाट पर सड़क पुल का निर्माण 2014 में ही पूरा हो जाना था.
लेकिन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के मनमानी के कारण पिछले एक वर्षों से पुल निर्माण का काम ठप है. इस बरसात में भी लोगों को नाव के सहारे ही नदी को पार करना पड़ रहा है.
फुलवरिया घाट पर नाव से नदी पार करने के दौरान सांसद रमा देवी ने पूछे जाने पर बताया कि पुल निर्माण निगम की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति हुई है. निर्माण कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है.
अब नये सिरे से निर्माण कार्य को पूरा किया जायेगा. उधर, बागमती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हो जाने के कारण नदी के निचले इलाके में पानी फैल गया है. नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुये बागमती बांध की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. बांध के संवेदनशील स्थानों पर होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है. थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि फुलवरिया घाट, अख्ता घाट, जमुआ व पिपराही सुल्तान के नदी घाटों पर नावों के परिचालन को रोक दिया गया है.
बिना अनुमति के नाव परिचालन करने वाले नाविकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उधर, लगातार हो रही बारिश के कारण प्रखंड के भटोलिया, अशोगी, मड़पा, जोरियाही, परसौनी व जमुआ गांव के निचले इलाके में जलजमाव हो गया है. भटोलिया के सड़क पर करीब एक फिट पानी बह रहा है. ग्रामीणों ने बीडीओ आशुतोष आनंद को आवेदन देकर जल जमाव से निजात दिलाने की मांग की है.
ध्वस्त स्लुइस गेट की मरम्मत नहीं, पानी का दबाब: पुपरी . लगातार जारी बारिश के बाद पुपरी शहर व इसके आस पास के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. अधवारा नदी का जलस्तर जहां लगातार बढ़ रहा है, व अधवारा नदी के बांये तटबंध में गंगटी गांव से सटे पश्चिम स्थित स्लुइस गेट जो पिछले वर्ष ध्वस्त हो गया था, का अब तक मरम्मत नहीं किया जा सका है. जबकि इस स्थान पर नदी का दबाव बढ़ रहा है.
गंगटी पंचायत की मुखिया कमर जहां बताती हैं कि पिछले साल बागमती प्रमंडल संख्या एक के कार्यपालक अभियंता के निर्देश पर उक्त स्थल पर बांस व बोरा डलवा कर काम चलाउं मरम्मत करायी गयी थी. अभियंता ने साल 2017 में बाढ़ से पूर्व स्लुइस गेट का मरम्मत कराये जाने की बात कहीं थी. लेकिन मरम्मत नहीं हो सका. हालात यह है कि अब बांध और अधिक कमजोर होता जा रहा है. इसके चलते गंगटी, चकसा, मोहम्मदपुर, चैनपुरा, निमाही, पचरा, बासोपट्टी व मधुबनी के इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है.
बागमती प्रमंडल के कनीय अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि वहां की स्थिति से हम लोग अवगत हैं. विभाग के दिशा निर्देश का इंतजार कर रहे है. जबकी कार्यपालक अभियंता राम विनय सिन्हा ने बताया कि स्थिति की जानकारी लेकर मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जायेगा.
लगातार तीसरे दिन जारी बारिश के बाद इलाके में बाढ़ के खतरे की आशंका

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