दूसरे की जिंदगी बचाने को करें रक्तदान

सीतामढ़ी : एक ओर जहां खून के अभाव में मरीज की मौत हो हो रहीं है, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों को खून देने के लिए रक्तदान करने को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है. लोग रक्तदान करने के नाम से ही बिदक उठते हैं. हालांकि, एसएसबी व कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा शिविर का आयोजन […]

सीतामढ़ी : एक ओर जहां खून के अभाव में मरीज की मौत हो हो रहीं है, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंदों को खून देने के लिए रक्तदान करने को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है. लोग रक्तदान करने के नाम से ही बिदक उठते हैं. हालांकि, एसएसबी व कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा शिविर का आयोजन कर रक्तदान कराया जा रहा है. यहीं वजह है कि लोगों को जरूरत पड़ने पर रक्त मिल जाता है. सीतामढ़ी सदर अस्पताल में रेडक्रॉस द्वारा संचालित ब्लड बैंक है. जहां जरूरत पड़ने पर रक्त मिल जाता है, हालांकि बदले में परिजन को रक्तदान करना पड़ता है.

फंड का अभाव: रक्तदान दिवस के अवसर पर कभी-कभी सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. अधिकांश अवसर पर रेडक्रॉस व लायंस क्लब समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा ही कार्यक्रमों का आयोजन होता है. रक्तदान के प्रति जागरूकता लाने के लिए अभियान को सरकारी फंड का अभाव है. वर्तमान में ब्लड बैंक की हालत ठीक-ठाक है. एक अप्रैल 2017 से 13 जून 2017 तक ब्लड बैंक से कुल 339 लोगों को रक्त उपलब्ध कराया गया है. जबकि कुल 343 लोगों ने रक्तदान किया है.
कुछ लोग अक्सर करते है रक्तदान: जिले में भले ही रक्तदान के प्रति लोग जागरूक नहीं है, लेकिन कुछ लोग अक्सर रक्तदान कर महादान के भागी बनते है. इनमें दंत चिकित्सक डॉ राजेश खन्ना, डॉ राजेश कुमार सुमन, युवा समाजसेवी अभिषेक उमंग, मारवाड़ी युवा मंच के सदस्य विपुल कुमार, डॉ साजिद अली खान व सूफियान अंसारी समेत कई लोग हैं, जो गरीबों की जिंदगी के लिए रक्तदान करते है. इनमें कई लोगों ने खून प्रदान कर कइयों की जिंदगी बचायी है.

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