आक्रोश. जिले के सरकारी व निजी चिकित्सक रहे सांकेतिक हड़ताल पर
सीतामढ़ी : चिकित्सकों पर हमले के विरोध समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में मंगलवार को जिले के तमाम चिकित्सक एक घंटे के सांकेतिक हड़ताल पर रहे.
लिहाजा सुबह 10 से 11 बजे तक की अवधि में एक घंटे तक जिले के तमाम सरकारी-गैर सरकारी अस्पताल, क्लिनिक व नर्सिंग होम में काम काज ठप रहा. वहीं मरीज भटकते रहे. जबकि सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार कर सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताया. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन नई दिल्ली के आह्वान पर देश व्यापी आंदोलन के तहत जिले के चिकित्सकों ने आक्रोश जताया.
सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने चिकित्सकों पर लगातार बढ़ रहे हमले को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग की. वहीं फरजी चिकित्सकों पर कार्रवाई के साथ क्लिनिकल एस्टीबलेसमेंट एक्ट को खत्म करने की मांग की. मौके पर डॉ शकील अंजुम, डॉ सुधा झा, डॉ सुनील सिन्हा, डॉ एस भारती, डॉ प्रदीप शरण, डॉ मोहन बैठा व डॉ आरएन पांडेय समेत तमाम चिकित्सक मौजूद थे.
ओपीडी प्रभावित, भटकते रहे मरीज :
सीतामढ़ी. चिकित्सकों के एक घंटे के सांकेतिक हड़ताल के चलते सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा बूरी तरह प्रभावित हुई. चिकित्सक कक्ष खाली दिखा, वहीं इलाज के लिए मरीज इंतजार करते दिखे. यहीं हाल निजी क्लिनिक व नर्सिंग होम का भी रहा. हालांकि एक घंटे बाद चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया. तब जाकर स्थिति सामान्य हुई.
दो घंटे तक हड़ताल पर रहे डॉक्टर : पुपरी. आइएमए के आह्वान पर मंगलवार को दिल्ली में छह सूत्री मांगों के समर्थन में आयोजित रैली को नैतिक समर्थन देते हुए स्थानीय चिकित्सकों ने दो घंटे तक हड़ताल पर रहे. आइएमए के सचिव डॉ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि क्लिनिक स्टेवलिस्टमेंट एक्ट को समाप्त करने, डाॅक्टरों पर हो रही अत्याचार व अस्पतालों पर हो रही हमला पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने, फर्जी चिकित्सकों पर रोक लगाने समेत छह सूत्री मांगों के समर्थन में सुबह के 10 – 12 बजे तक सभी सरकारी व निजी चिकित्सक हड़ताल पर रहे.
सीतामढ़ी : क्लिनिकल एस्टीब्लेशमेंट एक्ट व आइसीपीएनडीटी एक्ट के विरोध में मंगलवार को चिकित्सकों के एक घंटे के कार्य बहिष्कार आंदोलन के बाद शहर के रेड क्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गयी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित बैठक में शहर के तमाम चिकित्सक शामिल हुए. बैठक में क्लिनिकल एस्टीब्लेशमेंट एक्ट व आइसीपीएनडीटी एक्ट को समाप्त करने तथा चिकित्सकों पर हो रहे हमले को लेकर सख्त कानून बनाने समेत पांच सूत्री मांग पर चर्चा की गयी.
वहीं एक घंटे के सांकेतिक हड़ताल की समीक्षा की गयी. साथ ही बताया गया की जिले के कई चिकित्सक दिल्ली पहुंच कर सत्याग्रह में शरीक हुए. बैठक में दवाओं की गुणवत्ता व मूल्य निर्धारण को सरकार का अधिकार बताया गया. वहीं चिकित्सकों को बदनाम करने पर नाराजगी जतायी. मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं पूरी की जाती है
तो देश व्यापी आंदोलन के तहत चिकित्सक सड़क पर उतरेंगे. मौके पर डॉ जय शंकर प्रसाद, डॉ सीताराम सिंह, डॉ वीके झा, डॉ सुनील सिंह, डॉ अमित वर्मा, डॉ अजीत कुमार सिंह, डॉ राजीव कुमार डॉ राजन पांडेय, डॉ सुरेश कुमार भावासिंका, डॉ निर्मल कुमार गुप्ता व डॉ एके सिंह समेत दर्जनों चिकित्सक मौजूद थे.
