सीतामढ़ी के लाल ने किया एवरेस्ट फतह, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल
सीतामढ़ी/सुरसंड : दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर सीतामढ़ी के लाल ने जिले का भी नाम रोशन किया. है. सुरसंड प्रखंड के धनाढ़ी गांव निवासी सह सार्वजनिक तेल व प्राकृतिक गैस (एनओजीसी) के अंकलेश्वर में कार्यकारी अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के पद पर कार्यरत प्रभात गौरव ने माउंट एवरेस्ट की सबसे ऊंची चोटी 8,848 […]
सीतामढ़ी/सुरसंड : दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर सीतामढ़ी के लाल ने जिले का भी नाम रोशन किया. है. सुरसंड प्रखंड के धनाढ़ी गांव निवासी सह सार्वजनिक तेल व प्राकृतिक गैस (एनओजीसी) के अंकलेश्वर में कार्यकारी अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के पद पर कार्यरत प्रभात गौरव ने माउंट एवरेस्ट की सबसे ऊंची चोटी 8,848 मीटर पर कदम रख कर इतिहास रच दिया है.
प्रभात ने रविवार को ओएनजीसी के जोरहाट में तैनात वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार व मुंबई के कार्यकारी अभियंता (मेकेनिकल) निर्मल कुमार के साथ माउंट एवरेस्ट की चोटी पर सफलता के झंडे गाड़े. 17 मई, 2014 को उत्तराखंड में आयी भीषण त्रासदी के दौरान प्रभात व उनकी टीम ने उतराखंड पहुंच कर सैंकड़ों शवों का अंतिम संस्कार किया था. 15 सितंबर, 1986 को जनमे प्रभात गौरवसीतामढ़ी के लाल मूल रूप से सुरसंड प्रखंड के धनाढ़ी के रहनेवाले हैं. उनके पिता चंद्रभूषण मिश्र सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अंकेक्षण पदाधिकारी के पद से रिटायर हैं. प्रभात के चाचा उमाशंकर मिश्र सेवानिवृत्त शिक्षक व रवींद्र प्रसाद मिश्र रेलवे में उच्चाधिकारी हैं. प्रभात दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटे हैं. बड़ा भाई दीपक कुमार मिश्र भी जॉब में है.
प्रभात का ननिहाल मधुबनी जिले के मधवापुर प्रखंड के बासुकी बिहारी गांव में है. उसके नाना रत्नेश चौधरी शेरा होजियरी कोलकाता के मालिक हैं. शेरा होजियरी के निदेशक अजय कुमार चौधरी उनके ममेरे भाई है. प्रभात के इस साहसिक कारनामे के बाद सीतामढ़ी से मधुबनी तक जश्न का माहौल है. उसकी सफलता से परिवार समेत पूरे सुरसंड प्रखंड में उत्साह है. पिता श्री मिश्र बेटे की कामयाबी से गदगद हैं. उधर, शेरा होजियरी के निदेशक अजय कुमार चौधरी ने फुफेरे भाई प्रभात की कामयाबी पर प्रसन्नता जतायी है. वहीं इस कामयाबी के लिए बधाई दी है.