शेखपुरा में तेल टैंकर की टक्कर के बाद 2 महीने कोमा में रहा संदीप, अब इंश्योरेंस के लिए काट रहा चक्कर, सीएम से मांगी मदद

Sheikhpura News: शेखपुरा के अरियरी प्रखंड के सहनौरा गांव निवासी संदीप कुमार एक साल पहले (7 मार्च 2025) तेल टैंकर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 2 महीने कोमा में रहे. इलाज में 6-7 लाख का कर्ज हो गया. होश आने पर पता चला कि किस्त न भरने के कारण फाइनेंस कंपनी क्षतिग्रस्त कार भी ले गई और इंश्योरेंस कंपनी क्लेम नहीं दे रही है. पीड़ित ने अब मुख्यमंत्री से कर्ज से राहत और इंसाफ की गुहार लगाई है.

Sheikhpura News(प्रदीप कुमार): जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत सनैया पंचायत के सहनौरा गांव का एक पीड़ित युवक पिछले एक साल से इंसाफ, इलाज की राशि और गाड़ी के इंश्योरेंस के लिए सरकारी दफ्तरों व कंपनियों के चक्कर काटने को मजबूर है. प्रशासनिक उदासीनता और वित्तीय तंगी से पूरी तरह टूट चुके पीड़ित संदीप कुमार ने अब सूबे के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए कर्ज से मुक्ति दिलाने की मांग की है.

तेज रफ्तार तेल टैंकर ने मारी थी टक्कर, 2 महीने कोमा में रहा संदीप

घटना के संबंध में बताया जाता है कि 7 मार्च 2025 को संदीप कुमार अपनी फोर व्हीलर गाड़ी से जा रहे थे. इसी दौरान एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार तेल टैंकर ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी थी. यह सड़क हादसा इतना भीषण था कि संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए और सीधे कोमा में चले गए. वह करीब दो महीने तक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे. करीब छह से सात महीने के लंबे और महंगे इलाज के बाद जब संदीप की हालत में थोड़ा सुधार हुआ और उन्हें पूरी तरह होश आया, तब जाकर उन्हें पता चला कि हादसे के बाद उनकी क्षतिग्रस्त गाड़ी अरियरी थाने में जब्त पड़ी है.

दोहरी मार: इंश्योरेंस मिला नहीं, टूटी गाड़ी भी खींच ले गई फाइनेंस कंपनी

पीड़ित संदीप कुमार पर इस हादसे ने न सिर्फ शारीरिक बल्कि गहरा आर्थिक आघात भी किया है. उनका आरोप है कि होश में आने के बाद से वे लगातार इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों और संबंधित दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन तकनीकी बहानों के कारण उन्हें अब तक एक रुपये की भी सहायता राशि नहीं मिल सकी है. एक तरफ जहाँ संदीप अस्पताल में कोमा में थे और इलाज चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ गाड़ी की मासिक किस्त (EMI) जमा नहीं हो सकी. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट थाने में खड़ी उस टूटी-फूटी और क्षतिग्रस्त गाड़ी को भी अपने साथ उठा ले गए.

इलाज के लिए लिया 7 लाख का कर्ज, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

संदीप ने रुआंसे स्वर में बताया कि उनके इलाज में करीब 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आया है, जिसके लिए परिवार को भारी-भरकम कर्ज लेना पड़ा. अब घर की माली हालत बेहद खराब हो चुकी है.  कर्जदार लगातार पैसे वापस करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि शरीर पूरी तरह स्वस्थ न होने के कारण वे काम करने में भी असमर्थ हैं. थक-हारकर पीड़ित संदीप ने अब मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की भीख मांगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इलाज के लिए सिर पर चढ़े 6 से 7 लाख रुपये के इस भारी कर्ज से उन्हें राहत दिलाई जाए. साथ ही दोषी टैंकर एसोसिएशन या इंश्योरेंस कंपनी से उन्हें उचित मुआवजा और क्लेम की राशि जल्द से जल्द दिलवाई जाए.

स्थानीय ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए अविलंब सरकारी सहायता या मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद मुहैया कराई जाए.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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