BPSC तकनीकी सेवा की परीक्षाओं के लिए अलग से होगी कॉमन पीटी, अभ्यर्थियों को सेंटर चुनने का मिलेगा विकल्प

BPSC 69वीं पीटी के साथ किन किन परीक्षाओं की कॉमन पीटी ली जायेगी और किन तकनीकी सेवाओं के लिए एक अन्य कॉमन पीटी ली जायेगी, इसकी सूची जल्द ही जारी कर दी जायेगी.

बीपीएससी अब समान प्रकृति वाले कई परीक्षाओं के लिए अलग अलग पीटी लेने की बजाय साल में एक बार कॉमन पीटी लेगा. उसके स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को अलग अलग मुख्य (लिखित )परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी. बीपीएससी अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बताया कि इस तरह की पहली कॉमन पीटी परीक्षा 30 सितंबर को होगी. वहीं इंजीनियरिंग और तकनीकी सेवा के परीक्षाओं के लिए अलग से कॉमन पीटी लिया जायेगा.

रिक्तियों के आधार पर निकाला जायेगा कॉमन पीटी का रिजल्ट

बीपीएससी 69वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के साथ साथ सीडीपीओ और सामान्य प्रकृति के कुछ अन्य परीक्षाओं के लिए भी मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यर्थियों को चयन होगा. जिन परीक्षाओं के लिए कॉमन पीटी ली जायेगी उन सभी का रिजल्ट अलग अलग रिक्तियों के आधार पर निकाला जायेगा और कॉमन पीटी के स्कोर कार्ड के आधार पर रिक्तियों से 10 गुना तक में जितने अभ्यर्थी आयेंगे, उनका सभी का चयन मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए हो जायेगा.

एपीपी में अलग से देनी होगी लॉ की परीक्षा भी

सहायक अभियोजन पदाधिकारी जैसे परीक्षा में जिसमें जीएस के प्रश्न के साथ साथ लॉ भी एक पेपर होता है, उसमें जीएस के पेपर की परीक्षा काॅमन पीटी के अंतगर्त ही ले ली जायेगी और ऑप्शनल पेपर की परीक्षा अलग से ली जायेगी. रिजल्ट दोनों पेपर के अंक को जोड़ कर निकाला जायेगा.

तकनीकी सेवा के परीक्षाओं के लिए अलग से होगी कॉमन पीटी

इंजीनियरिंग और तकनीकी सेवा के परीक्षाओं के लिए अलग से कॉमन पीटी लिया जायेगा. 69वीं पीटी के साथ किन किन परीक्षाओं की कॉमन पीटी ली जायेगी और किन तकनीकी सेवाओं के लिए एक अन्य कॉमन पीटी ली जायेगी, इसकी सूची जल्द ही जारी कर दी जायेगी. अतुल प्रसाद ने बताया कि कॉमन पीटी की सफलता और अनुभव को देखते हुए वे आगे मुख्य परीक्षा में भी कई परीक्षाओं को एक ही लिखित परीक्षा के माध्यम से लेने पर विचार कर सकते हैं.

Also Read: BPSC 68th PT : 67वीं पीटी की तुलना में कम रहेगा कटऑफ मार्क्स, यहां देखें एक्सपेक्टेड कटऑफ
अभ्यर्थियों को सेंटर चुनने का मिलेगा विकल्प

69वीं कॉमन पीटी से अभ्यर्थियों को सेंटर चुनने का विकल्प मिलेगा. अब तक महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों का सेंटर ही उसके अपने शहर या जिले में देने का प्रयास किया जाता था, लेकिन अब सभी अभ्यर्थियों को यह सुविधा देने का प्रयास किया जायेगा. हलांकि अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कोई जरुरी नहीं कि सबको अपने दिये विकल्प वाला शहर मिल ही जायेगा क्योंकि यह सेंटर की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगी. लेकिन आयोग का ऐसा प्रयास होगा कि अभ्यर्थियों को उनके दिये विकल्प वाले शहर या आसपास ही सेंटर दिया जाये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >