विवाहिता से पीछा छुड़ाने के लिए प्रेमी ने ही की थी हत्या
SASARAM NEWS.अपनी शादी होने के बाद प्रेमी धर्मेंद्र ने ही अपनी विवाहिता प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची थी. इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने सोमवार को पूनम यादव हत्याकांड में प्रेमी धर्मेंद्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
By Vikash Kumar | Updated at :
पूनम हत्याकांड में प्रेमी सहित पांच गिरफ्तार, दो फरार अभियुक्तों को तलाश रही पुलिस
आंध्रप्रदेश में मजदूरी के दौरान हुआ था दोनों में प्रेम
अकोढ़ीगोला के बाघाखोह गांव के कुएं से मिला था विवाहिता पूनम का शव
अकोढ़ीगोला.
अपनी शादी होने के बाद प्रेमी धर्मेंद्र ने ही अपनी विवाहिता प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची थी. इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने सोमवार को पूनम यादव हत्याकांड में प्रेमी धर्मेंद्र सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि अन्य दो फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. इस संबंध में एसपी रौशन कुमार ने बताया कि मृतका पूनम यादव उर्फ पायल यादव गया जी जिले के किसी गांव की रहने वाली है. उसकी शादी अरवल में हुई थी. वर्तमान में उसका पति व एक बेटा पटना में रह रहे हैं. इधर, पूनम यादव हत्याकांड में अब तक अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के बघैला गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार सिंह, उसके भाई उपेंद्र कुमार सिंह उर्फ अमिताभ कुमार दोनों के पिता नकुल सिंह व धर्मेंद्र के साथ सिंटू कुमार और बाघाखोह गांव निवासी कामेश्वर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं बाघाखोह के दो अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
आंध्रप्रदेश में मजदूरी के दौरान हुआ था दोनों में प्रेम
एसपी ने कहा कि मुख्य अभियुक्त धर्मेंद्र कुमार सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि पूनम यादव से उसकी मुलाकात आंध्र प्रदेश में मजदूरी करने के दौरान हुई थी. उसी समय से दोनों के बीच प्रेम संबंध चल रहा था. मृतका की शादी हो चुकी थी. धर्मेंद्र कुंवारा था. इसी बीच 20 फरवरी 2026 को धर्मेंद्र की शादी हो गयी. वह अपने गांव में ही रहने लगा. इसकी जानकारी पूनम यादव को हुई, तो वह धर्मेंद्र के गांव चली आयी. धर्मेंद्र अपने लोगों से इस बात को छिपा पूनम यादव को लेकर बाघाखोह गांव में रह रहा था. इसी बीच वह पूनम से पीछा छुड़ाने की साजिश भी रचने लगा और 13 मार्च की रात मौका देखकर धारदार हथियार से जख्मी कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को कुएं में फेंक दिया, जिसे पुलिस ने 14 मार्च को बरामद किया था. पुलिस टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डेहरी, थानाध्यक्ष अकोढ़ीगोला, एफएसएल डेहरी और तकनीकी सहायता के लिए जिला सूचना इकाई की टीम शामिल थी.