रोहतास: सूर्यपुरा के इस स्कूल ने दिए कई खिलाड़ी, अब जलजमाव और बेरुखी में खत्म हो रही खेल की विरासत

सूर्यपुरा के सरस्वती विद्या निकेतन में लाखों की खेल सामग्री होने के बावजूद मैदान में जलजमाव के कारण छात्र खेल से दूर हो रहे हैं। जानें पूरी रिपोर्ट।

Rohtas News : राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह की नगरी सूर्यपुरा का राज राजेश्वरी प्लस टू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जो अब सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के नाम से जाना जाता है, कभी पढ़ाई के साथ खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में भी पहचान रखता था. वर्ष 1930 में प्रसिद्ध साहित्यकार राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह के परिजनों द्वारा स्थापित इस विद्यालय की फुटबॉल टीम क्षेत्र में काफी चर्चित थी. विद्यालय के बेहतर खिलाड़ियों को सूर्यपुरा के न्यू स्पोर्टिंग क्लब में खेलने का मौका मिलता था. क्लब से खेलते हुए कई खिलाड़ियों ने राज्य स्तर तक पहचान बनाई और खेल कोटा से सरकारी नौकरी भी हासिल की.

कभी मैदान से निकलते थे राज्य स्तर के खिलाड़ी

विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की फुटबॉल टीम हुआ करती थी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को न्यू स्पोर्टिंग क्लब में शामिल किया जाता था. उस दौर में क्लब ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच दिया. खिलाड़ियों ने जिला और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाने के साथ खेल कोटा के तहत सरकारी सेवाओं में भी स्थान हासिल किया. यही वजह थी कि सूर्यपुरा का यह विद्यालय और न्यू स्पोर्टिंग क्लब क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था.

कागजों में जिंदा है न्यू स्पोर्टिंग क्लब

समय के साथ न्यू स्पोर्टिंग क्लब की सक्रियता कम होती चली गयी. स्थानीय लोगों के अनुसार क्लब आज कागजों पर भले ही अस्तित्व में है, लेकिन धरातल पर उसकी गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के आसपास होने वाले फैंसी मैच जैसे आयोजनों में ही क्लब की सक्रियता नजर आती है.

लाखों की खेल सामग्री, फिर भी मैदान में नहीं पहुंच रहे बच्चे

राज राजेश्वरी उच्च विद्यालय अब सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से संचालित है. विद्यालय में फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी और खो-खो समेत विभिन्न खेलों की लाखों रुपये की सामग्री उपलब्ध है. इसके बावजूद खेल मैदान में नियमित रूप से पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है. खासकर छात्रों में पहले जैसा खेल उत्साह नजर नहीं आता.

बालिकाओं में अब भी खेल का जुनून

विद्यालय के खेल शिक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें यहां आए करीब एक वर्ष हुआ है. उन्होंने कहा कि छात्रों में खेल के प्रति अपेक्षित जज्बा नहीं दिखना चिंता की बात है. हालांकि बालिकाओं में वॉलीबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी को लेकर काफी रुचि है और वे बेहतर प्रदर्शन भी कर रही हैं. ऐसे में उनका फोकस बालिका टीम को और मजबूत करने पर है.

जलजमाव ने खेल मैदान की कमर तोड़ी

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव रंजन ने बताया कि विद्यालय की कबड्डी टीम कई मौकों पर जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में शीर्ष तीन टीमों में जगह बना चुकी है. हालांकि टीम इससे आगे नहीं बढ़ पाती, जिसका उन्हें अफसोस है. उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में विद्यालय का खेल मैदान जलजमाव की समस्या से जूझता है. यदि मैदान को जलजमाव से मुक्त कर दिया जाए, तो छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से खेल अभ्यास के लिए मैदान में भेजा जा सकता है.

पूरे सूर्यपुरा की जलनिकासी बनी चुनौती

सूर्यपुरा पंचायत के मुखिया प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि जलनिकासी की समस्या केवल विद्यालय के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा सूर्यपुरा इससे प्रभावित है. पंचायत स्तर पर कई प्रयास किए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका. जिलाधिकारी, विधायक और सांसद को भी जलनिकासी की समस्या के संबंध में लिखित जानकारी दी गयी है. उन्होंने कहा कि इसका समाधान पंचायत स्तर पर अकेले संभव नहीं है.

खेल प्रतिभाओं को फिर मंच देने की जरूरत

ग्रामीण एवं सामाजिक युवा कार्यकर्ता मजहरुल हक ने भी कहा कि जलनिकासी की समस्या का समाधान व्यापक स्तर पर किया जाना जरूरी है. विद्यालय का मैदान भी इसी समस्या का शिकार है. एक ओर विद्यालय में खेल सामग्री उपलब्ध है, वहीं दूसरी ओर मैदान की बदहाली और विद्यार्थियों की घटती रुचि के कारण खेल प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐतिहासिक विद्यालय के खेल मैदान को जलजमाव से मुक्त कर नियमित खेल गतिविधियां शुरू करायी जाएं और विद्यार्थियों में खेल के प्रति उत्साह पैदा किया जाए, तो सूर्यपुरा अपने पुराने खेल गौरव को फिर हासिल कर सकता है.

विद्यालय का खेल मैदान और उसकी स्थिति की तस्वीरें | Prabhat Khabar Network
विद्यालय का खेल मैदान और उसकी स्थिति की तस्वीरें | Prabhat Khabar Network
विद्यालय का खेल मैदान और उसकी स्थिति की तस्वीरें | Prabhat Khabar Network
विद्यालय का खेल मैदान और उसकी स्थिति की तस्वीरें | Prabhat Khabar Network
विद्यालय का खेल मैदान और उसकी स्थिति की तस्वीरें | Prabhat Khabar Network


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संतोष चंद्रकांत

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >