जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए महीनों से चक्कर लगा रहे लोग

पंचायत सचिव से नहीं होता दर्शन, लौट जाते हैं लोग, आठ पंचायत पर मात्र चार सचिव, सैकड़ों आवेदन लंबित

अकबरपुर.

रोहतास प्रखंड इन दिनों भगवान भरोसे चलता नजर आ रहा है. अधिकारी आम लोगों की समस्याएं सुनने से कतरा रहे हैं और आठ पंचायतों का कार्य मात्र चार पंचायत सचिवों के जिम्मे है. ऐसे में अधिकांश विकास कार्य लंबित पड़े हैं. पंचायतों में जन्म प्रमाणपत्र व मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को चार से छह महीने तक चक्कर लगाना पड़ रहा है. समाजसेवी अजय देव ने बताया कि कुछ पंचायतों को छोड़ बाकी क्षेत्रों की जनता काफी परेशान है. स्कूलों में नामांकन के लिए बच्चों का ऑनलाइन जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य होने से अभिभावकों की कठिनाई और बढ़ गयी है.

बकनौरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रवि पासवान ने बताया कि उनके पंचायत में लगभग सौ जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित हैं. पंचायत सचिव के अभाव में लोग कार्यालय से निराश लौट रहे हैं. आठ पंचायतों में केवल चार सचिव होने के कारण एक-एक सचिव को दो से तीन पंचायतों का प्रभार दिया गया है, जिससे कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार को प्रत्येक पंचायत में अलग-अलग सचिव की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि आम जनता और विकास कार्य दोनों सुचारू रूप से चल सकें.

कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके लोगबकनौरा पंचायत निवासी अवधेश यादव, विजय चौधरी, कुंदन गुप्ता, शांति देवी, अबरार अंसारी और गुड़िया देवी ने बताया कि वे पंचायत सचिव कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है. प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलना भी मुश्किल हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पदाधिकारी आम जनता से मिलने से कतराते हैं. संपर्क करने की कोशिश के बावजूद मोबाइल फोन नहीं उठाया गया.

कैसे बनता है जन्म प्रमाणपत्र

जानकारी के अनुसार जन्म के 21 दिनों के भीतर आवेदन करने पर जन्म प्रमाण पत्र पंचायत स्तर से निर्गत कर दिया जाता है. 21 दिनों के बाद आवेदन करने पर पंचायत से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलास्तर पर जांच उपरांत प्रमाण पत्र जारी किया जाता है.

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Published by: Panchdev kumar

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