शहर में नो एंट्री नियम के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है. ट्रक और ट्रेलर चालक नियमों की अनदेखी करते हुए दिन के समय रामारानी मोड़ से डालमियानगर तक मुख्य सड़कों पर पहुंच रहे हैं. भारी वाहनों की आवाजाही से शहर में जाम की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है.
कैनाल रोड पर भीषण जाम, एंबुलेंस भी फंसी
शनिवार को कैनाल रोड पुल के पास भीषण जाम लग गया. इस दौरान एक एंबुलेंस काफी देर तक जाम में फंसी रही. एंबुलेंस में मरीज और उसके परिजन परेशान नजर आए. वहीं, जाम में कई स्कूली बसें भी फंस गईं, जिससे गर्मी और उमस के बीच छोटे-छोटे बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी.
नो एंट्री के बावजूद ट्रेलरों की आवाजाही जारी
स्थानीय लोगों के अनुसार, नो एंट्री समय में गांधी चौक से भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है. इसके बावजूद कई ट्रक और बालू लदे बड़े ट्रेलर नहर पुल से बने संपर्क पथ के रास्ते शहर में प्रवेश कर रहे हैं. इससे कैनाल रोड और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति और विकराल होती जा रही है.
नए पुल के पास छह मुहान से बढ़ी परेशानी
कैनाल रोड पर फोरलेन पुल के पास नहर पर बने संपर्क पथ के कारण छह मुहान जैसी स्थिति बन गई है. इसी रास्ते से नो एंट्री के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही होने पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है. इसके कारण सड़क पर जाम लगने के साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.
नियमों के पालन पर उठ रहे सवाल
कहने को तो प्रशासन ने गांधी चौक के पास भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस तैनात की है. इसके बावजूद दूसरे रास्तों से नो एंट्री के समय दर्जनों ट्रेलरों के प्रवेश से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चालकों में प्रशासन का डर कम होता जा रहा है.
पहले नो एंट्री से मिली थी जाम से राहत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क जाम की लगातार शिकायतों के बाद अनुमंडल प्रशासन ने रामारानी चौक से डालमियानगर के मौनिया बिगहा चौक तक मुख्य सड़क पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए नो एंट्री लागू की थी. उस समय बालू घाटों के संचालन के कारण बड़ी संख्या में ट्रक और ट्रेलर इस मार्ग से गुजरते थे. नो एंट्री लागू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित हुई और लोगों को जाम से राहत मिली थी.
बालू घाट बंद, फिर भी शहर में बढ़ी ट्रेलरों की संख्या
वर्तमान में बालू घाट बंद हैं, लेकिन डंप बालू की ढुलाई के लिए बड़ी संख्या में ट्रक और ट्रेलर शहर की सड़कों पर पहुंच रहे हैं. लोगों का कहना है कि नो एंट्री क्षेत्र के दोनों छोर पर प्रतिबंध संबंधी बोर्ड लगे होने के बावजूद भारी वाहनों के चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं.
कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नो एंट्री के दौरान शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई और जुर्माना नहीं होने से स्थिति बिगड़ रही है. कैनाल रोड और डालमियानगर की सड़कों पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही इसका उदाहरण है. लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को इस मामले में सख्ती बरतने की जरूरत है.
शहरवासियों ने एसडीओ से की हस्तक्षेप की मांग
शहरवासियों ने अनुमंडल पदाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और नो एंट्री नियम का सख्ती से पालन कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगने से शहर को जाम से राहत मिलेगी. साथ ही सड़क हादसों की आशंका को भी कम किया जा सकेगा.
