जिले में रोजगारपरकता व जीवन कौशल पाठ्यांश की शुरुआत
कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
सासाराम ऑफिस.
जिले के रोहतास व तिलौथू प्रखंड के चयनित स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए रोजगारपरकता और जीवन कौशल मॉड्यूल (पाठ्यांश) का शनिवार से विधिवत शुभारंभ हुआ. शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत रोहतास प्रखंड में शिक्षकों के उन्मुखीकरण प्रशिक्षण से हुई, ताकि वे कक्षाओं में इसे प्रभावी ढंग से लागू कर सकें. कार्यक्रम का आयोजन पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से हुआ, जबकि प्रखंड प्रभारी रंजीत के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया संचालित हुई. पहले चरण में विज्ञान और गणित विषय के शिक्षकों ने प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया और उन्हें मॉड्यूल की रूपरेखा, उद्देश्य और क्रियान्वयन प्रक्रिया से विस्तार से अवगत कराया गया. यह सत्र प्रखंड स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें सभी चयनित स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए. प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गयी कि इस मॉड्यूल के तहत छात्र-छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक कौशल से जोड़ा जायेगा. इसमें विशेष रूप से प्लंबिंग और सिलाई जैसे कौशल आधारित विषयों की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यवहारिक अभ्यास भी कराया जायेगा. विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्लंबिंग के उपकरणों, पाइप फिटिंग, रिसाव ठीक करने की विधि और सिलाई मशीन संचालन, कपड़े की कटिंग और बेसिक डिजाइनिंग का प्रदर्शन भी किया. सत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि इन कौशलों के माध्यम से छात्र-छात्राएं भविष्य में रोजगार पाने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे. शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि यह मॉड्यूल सभी चयनित स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाया और सिखाया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं में प्रारंभिक स्तर से ही रोजगारपरक सोच और जीवनोपयोगी कौशल विकसित हो सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
