स्कूल प्रांगण में पुलिस बल तैनात, स्कूल से बरामद मांस थाना जाते-जाते हो गया कम
प्रशासन ने कहा- अफवाह से बचें
राजपुर/सासाराम.
राजपुर थाना क्षेत्र के रामूडीह उर्दू मध्य विद्यालय में प्रतिबंधित मांस बरामदगी के मामले में गुरुवार को एसडीएम बिक्रमगंज प्रभात कुमार व एसडीपीओ सिंधु शेखर स्थानीय प्रशासन के साथ स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की जांच की. अधिकारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में स्कूल की रसोइया पानापती देवी और चनिया देवी से पूछताछ कर घटना की सच्चाई जानने का प्रयास किया.पूरी प्रक्रिया के दौरान सिर्फ ग्रामीण व अधिकारी ही रहे. अन्य किसी को भी इस दौरान उक्त स्थान पर नहीं रहने दिया गया, जिसके कारण पूछताछ में क्या जानकारी हासिल हुई, यह गोपनीय ही रहा.पूछताछ कर लौट रहे एसडीएम ने बताया कि मीडिया व आम जन अफवाहों पर ध्यान न दें. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.ग्रामीणों ने जतायी मांस कम होने की आशंका
एएसआइ कुंदन कुमार ने बताया कि लगभग तीन किलो मांस बरामद हुआ है, जिसे प्राथमिकी में दर्ज किया गया है. इधर, बरामद मांस की मात्रा को लेकर ग्रामीणों में संदेह गहराता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि जो मात्रा वीडियो और फोटो में दिखाई दे रही है, वह पुलिस रिकॉर्ड से अधिक लगती है. इसको लेकर लोगों ने सवाल उठाया है कि स्कूल से बरामद मांस थाना पहुंचते-पहुंचते कम कैसे हो गया.मांस कैसे पहुंचा स्कूल
इधर, मांस के स्कूल पहुंचने पर भी तरह-तरह की बातें होने लगी है. ग्रामीणों के अनुसार, नासरीगंज-हरिहरगंज क्षेत्र से आने वाली एक शिक्षिका मांस स्कूल लेकर आयी थी, जिसे कुछ शिक्षकों ने उपयोग के लिए मंगाया था. बताया जाता है कि मांस पहले एक बेंच पर रखा गया, फिर उसे झोले में डालकर स्कूल कार्यालय में रखा गया. इसी बीच कुछ छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी मिल गयी, जिन्होंने गांव में सूचना दे दी, जिससे हंगामा शुरू हो गया.हंगामे के बाद संबंधित लोगों ने मांस को अलमारी में छुपा दिया, जिसे बाद में ग्रामीणों ने तलाशी के दौरान बरामद किया और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.स्कूल परिसर में पुलिस बल है तैनात
मामला गरमाने व ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान स्कूल में कोई घटना न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे. घटना के बाद से ही एहतियातन स्कूल परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गयी है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे.
