Rohtas News : अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र की विभिन्न मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया. कार्यपालक दंडाधिकारी अखिलेश्वर कुमार एवं औषधि निरीक्षक हरिनारायण साहनी के नेतृत्व में गठित टीम ने दवा दुकानों में बिक्री की प्रक्रिया, दवाओं की कीमत, बिल-कैश मेमो सहित निर्धारित नियमों के अनुपालन की जांच की.
ग्राहकों को बिल नहीं देने की मिली शिकायत, दुकानदारों को चेतावनी
जांच के दौरान कुछ मेडिकल दुकानों में ग्राहकों को दवा खरीदने के बाद बिल अथवा मूल्य पर्ची नहीं दिए जाने की कमी सामने आयी. अधिकारियों ने दुकानदारों को तत्काल व्यवस्था में सुधार करने और दवा बिक्री से जुड़े सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. टीम ने दुकानदारों को स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
जांच टीम पहुंची तो कई दुकानों के शटर मिले गिरे
औचक निरीक्षण के दौरान शहर की कई मेडिकल दुकानों के शटर बंद मिले. अचानक जांच टीम के पहुंचने के समय दुकानों के बंद मिलने से उनके संचालन को लेकर सवाल उठे हैं. हालांकि, केवल दुकान बंद मिलने से वहां गलत या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की पुष्टि नहीं की जा सकती. जांच टीम ने बंद मिली दुकानों को चिन्हित कर लिया है और इनकी दोबारा जांच की तैयारी की जा रही है.
नशीली दवाओं की कथित बिक्री की शिकायतों पर भी नजर
स्थानीय स्तर पर कुछ मेडिकल दुकानों से नशीली दवाओं और इंजेक्शन की कथित बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे में जांच के दौरान बंद मिली दुकानों की अगली जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रशासन की ओर से ऐसी किसी भी अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गयी है.
बंद मिली दुकानों की जल्द होगी जांच
कार्यपालक दंडाधिकारी अखिलेश्वर कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बंद मिली मेडिकल दुकानों को चिन्हित किया गया है. इन दुकानों की अगली बार बेहतर तरीके से जांच की जायेगी. यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई होगी.
दवा खरीदते समय बिल लेने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से दवा खरीदते समय दुकानदार से बिल अथवा मूल्य पर्ची जरूर लेने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई दुकानदार बिना बिल दवा देता है या प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए. मेडिकल दुकानों की जांच आगे भी जारी रखने की बात कही गयी है.
