मेला देखने जा रहे तीन दोस्त बरताली गांव के पास हुए हादसे का शिकार
भारतमाला एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनी पर सुरक्षा में चूक का आरोप, गड्ढ़ा खोदकर छोड़ दिया
एंबुलेंस न मिलने पर अस्पताल में बवाल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
थानाध्यक्ष ने अपनी गाड़ी से घायलों को भेजा अस्पताल
ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ की कार्रवाई की मांग
चेनारी.
चेनारी-शिवसागर स्टेट हाइवे पर बरताली गांव के पास शुक्रवार की रात एक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर बने गड्ढे में गिर गयी. जिससे बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गये. जिसमें एक की वाराणसी के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. मृतक की पहचान चेनारी वार्ड नंबर-14 निवासी नबी हुसैन के 17 वर्षीय पुत्र निहाल आलम के रूप में की गयी है. वहीं एजाज अहमद का 18 वर्षीय बेटा इमरोज अंसारी और मल्हीपुर गांव निवासी रामदेव यादव का 18 वर्षीय बेटा धनु यादव घायल है. घटना के बाद ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 112 व चेनारी थाना की पुलिस ने सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी पहुंचाया. घायलों का उपचार कर रहे डॉ प्रिया शंकर ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को गंभीर अवस्था में हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार चेनारी निवासी नबी हुसैन का 17 वर्षीय बेटा निहाल आलम, एजाज अहमद का 18 वर्षीय बेटा इमरोज अंसारी और मल्हीपुर गांव निवासी रामदेव यादव का 18 वर्षीय बेटा धनु यादव बाइक से सासाराम में लगे प्रदर्शनी मेला को देखने जा रहे थे. जैसे ही तीनों बरताली गांव के पास पहुंचे, भारतमाला एक्सप्रेसवे निर्माण में लगे पीएनसी कंपनी की ओर से स्टेट हाइवे के किनारे खोदे गये गड्ढे में गिर गये. घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया. ग्रामीण पीएनसी कंपनी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी ने उक्त स्थल पर कई दिनों से गड्ढा खोदकर छोड़ दिया है और सुरक्षा की दृष्टि से न तो घेराबंदी की है और न ही कोई सांकेतिक बोर्ड लगाया है. वहीं बड़े वाहनों के आवागमन से मुख्य सड़क पर मिट्टी पसरा हुआ है और जहां तहां गड्ढे उभर आये हैं. जिससे बारिश होने के बाद कीचड़ के कारण सड़क पर पिछलन जा रहा है. जिसमें पानी भरने से गड्ढे का पता भी नहीं चल पा रहा है. ऐसे में आये दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.एंबुलेंस के इंतजार में 20 मिनट तक अस्पताल परिसर में तड़पते रहे घायल
सड़क दुर्घटना में घायल तीनों युवक एंबुलेंस के इंतजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में करीब 20 मिनट तक तड़पते रहे. घायल के परिजन नबी हुसैन ने कहा कि सीएचसी में मेरा बेटा तड़प रहा था. एंबुलेंस चालक परिसर में ही मौजूद थे. लेकिन, वह एंबुलेंस लेकर जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे. अस्पताल के कर्मी भी एंबुलेंस भेजने के बजाय टोल फ्री नंबर पर फोन लगाने की बात कह रहे थे.घायलों के लिए मसीहा बनकर पहुंचे थानाध्यक्ष
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दुर्घटना में तीनों घायलों के लिए थानाध्यक्ष देवदूत बनकर पहुंचे. अस्पताल में हो रही देरी को देखते हुए थानाध्यक्ष ने तत्काल अपनी निजी वाहन से सभी घायलों को सदर अस्पताल सासाराम भिजवाया. थानाध्यक्ष के इस कार्य का लोग प्रशंसा कर रहे थे.
