पशु शेड मद में 60 लाख रुपये की निकासी को लेकर विवाद
दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत
चेनारी
. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मनरेगा कार्यालय में शुक्रवार की शाम करीब 5:30 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब मनरेगा विभाग के पीआरएस के साथ मारपीट की घटना हो गयी. मौके पर मौजूद कर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया. मारपीट में पीआरएस कमलेश तिवारी घायल हो गये. उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेनारी में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया.घायल पीआरएस कमलेश तिवारी ने बताया कि पेबंदी पंचायत के पूर्व मुखिया बरकत अली के पुत्र सफदर अली कार्यालय में घुसकर जबरदस्ती कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए कहने लगे. विरोध करने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी. आरोप है कि सफदर अली हाथ में डंडा लिये थे और उससे पैर व सीने पर वार किया, जिससे वह घायल होकर कार्यालय में गिर पड़े. मारपीट के दौरान सरकारी कागजात भी फाड़ दिये गये.बताया जा रहा है कि सफदर अली वर्ष 2018-19 में पशु शेड से संबंधित कागजों पर हस्ताक्षर कराने की बात कह रहे थे. प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला करीब 60 लाख रुपये की निकासी से जुड़ा बताया जा रहा है.
वहीं दूसरे पक्ष से पूर्व मुखिया के पुत्र सफदर अली ने आरोप लगाया कि पीआरएस द्वारा 60 लाख रुपये की निकासी के लिए पहले ही 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी और मारपीट का झूठा आरोप लगाया जा रहा है. प्राथमिक उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ प्रिया शंकर कुमार ने बताया कि घायल पीआरएस कमलेश तिवारी का प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सासाराम रेफर किया गया है.