बड़े मौलाना दादा का 118वां वार्षिक उर्स अकीदत के साथ मना
नगर के वार्ड संख्या नौ स्थित हजरत बड़े मौलाना दादा का 118वां वार्षिक उर्स पूरी अकीदत और सादगी के साथ मनाया गया.
देर रात मजार शरीफ पर चादरपोशी के लिए उमड़ी भीड़ ्र
प्रतिनिधि, नासरीगंज
नगर के वार्ड संख्या नौ स्थित हजरत बड़े मौलाना दादा का 118वां वार्षिक उर्स पूरी अकीदत और सादगी के साथ मनाया गया. इस विशेष अवसर पर मजार शरीफ परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. देर रात्रि मजार शरीफ पर पारंपरिक चादरपोशी की गयी. इसमें भारी संख्या में अकीदतमंदों ने हाजिरी लगायी और फूल पेश किये़ उर्स के दौरान बाग वाली मस्जिद के पेश इमाम हाफिज अखलाक अहमद ने कुल शरीफ की रस्म अदा की. वहीं, विशेष रूप से बनारस से तशरीफ लाये पीर साहब महमुदुर रहमान बनारसी ने मुल्क में अमन, चैन और सलामती के लिए सामूहिक दुआ करायी. दुआ के दौरान माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया.
देर रात तक चली महफिल-ए-समा
चादरपोशी के उपरांत महफिल-ए-समा (कव्वाली) का भव्य आयोजन किया गया. इसमें लखनऊ के मशहूर कव्वाल चांद वारसी के शिष्यों और उनकी टीम ने एक से बढ़कर एक खानकाही कव्वालियां प्रस्तुत कीं. सूफियाना कलामों का यह सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा, जिसका स्थानीय लोगों ने भरपूर आनंद लिया.
कुरानखानी और लंगर का आयोजन
मंगलवार की सुबह कार्यक्रम का समापन मिलाद और कुरानखानी के साथ हुआ. इसके पश्चात लंगर खानी (भोज) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्ग के लोगों ने शिरकत की. इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में उर्स कमेटी के रिजवान फिरदौस, हाजी गुलाम मुस्तफा, दाऊद अली, मोख्तार खान, पिंटू खान, मो ताज, हेलाल खान, मोसद्दीक हुसैन, एजाज अहमद, हाफिज शाकिर, डॉ मोनू समेत बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध जन और कार्यकर्ता उपस्थित थे.