दिघवारा. दिघवारा में बस स्टैंड और वाहनों के पार्किंग स्थल न होने के कारण रोजमर्रा के मार्केटिंग या कार्यालय आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बस स्टैंड नहीं होने के कारण कहीं भी वाहनों के ठहराव का कोई निश्चित स्थान नहीं है. इस वजह से आम यात्रियों को हर दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. मुख्य बाजार में भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग विवश होकर सड़क किनारे ही वाहन पार्क करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है. सुबह और शाम के समय दिघवारा पश्चिम ढाला के समीप जाम की समस्या आम होती है, जिसमें फंसकर यात्रियों को काफी कठिनाई होती है. लगातार लगने वाले जाम से यात्री काफी परेशान हैं.
रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ अघोषित स्टैंड से समस्या
दिघवारा पश्चिम रेलवे ढाला के दोनों छोर पर दिनभर सड़क किनारे छोटे वाहनों की पार्किंग रहती है और यह दोनों स्थल अघोषित स्टैंड का रूप ले चुके हैं. इसके कारण रेलवे क्रॉसिंग के समीप सड़क लगातार संकीर्ण होती जा रही है और वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है. रेलवे क्रॉसिंग खुलने के बाद जब वाहन अधिक हो जाते हैं, तब यही संकीर्णता जाम का कारण बनती है. कई बार यात्रियों और वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है. दिघवारा में रेलवे द्वारा पश्चिम रेलवे ढाला के समीप ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी दी गयी है, लेकिन इसके बनने में समय लगेगा. पिछले दो दशक से इस रेलवे क्रॉसिंग के समीप जाम की विकराल स्थिति बनी हुई है, जिसमें फंसकर स्कूली बच्चे, मरीज और यात्री परेशान होते हैं.लंबे समय से की जा रही बस स्टैंड की मांग
दिघवारा में बस स्टैंड बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं बना है. फोरलेन सड़क के निर्माणाधीन होने के कारण छपरा से पटना जाने वाली बसें अब दिघवारा तक नहीं आ रही हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं दिघवारा का मुख्य बाजार व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यहां आसपास के प्रखंडों दिघवारा, दरियापुर, गरखा और छपरा सदरसे लोग खरीदारी करने आते हैं. उनके लिए वाहन पार्किंग का कोई निश्चित स्थल नहीं होने से उन्हें सड़क किनारे ही वाहन पार्क करना पड़ता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है. मुख्य बाजार के समीप लगभग आधा दर्जन बैंक शाखाएं हैं, जहां भी पार्किंग स्थल न होने के कारण ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
