सदर अस्पताल का हाल बेहाल, डॉक्टरों की लेट-लतीफी से मरीज परेशान

मौसम में बदलाव के साथ ही इन दिनों जिले में नवजात और छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी संक्रमण जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं.

छपरा. मौसम में बदलाव के साथ ही इन दिनों जिले में नवजात और छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी संक्रमण जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं. बढ़ते मरीजों के बीच सदर अस्पताल में चिकित्सकों की लेटलतीफी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. बुधवार को सदर अस्पताल के ओपीडी के शिशु वार्ड में इलाज के लिए बड़ी संख्या में परिजन अपने बीमार नवजात बच्चों को लेकर पहुंचे, लेकिन ओपीडी शुरू होने के बाद भी करीब सुबह 11:45 बजे तक चिकित्सक विभाग में मौजूद नहीं थे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. परिजनों का कहना था कि सुबह से लाइन में खड़े रहने के बावजूद डॉक्टर के नहीं आने से नवजातों की तबीयत बिगड़ती जा रही थी. कई लोग अपनी गोद में बीमार बच्चों को लिए घंटों इंतजार करते रहे. भीड़ इतनी थी कि वार्ड के बाहर तक कतारें लगी थीं. छठ पर्व के समाप्त होने के बाद से अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. इस संबंध में पूछे जाने पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आरएन तिवारी ने बताया कि सभी विभागों के चिकित्सकों को समय पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग में देरी हुई है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी. वहीं शिशु विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि संबंधित चिकित्सक मुजफ्फरपुर से ड्यूटी पर आते हैं और बस की देरी के कारण वे थोड़ी देर से पहुंचे. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति नयी नहीं है. अस्पताल में समय पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति की शिकायतें पहले भी आती रही हैं, लेकिन सुधार की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाये गये हैं.

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By ALOK KUMAR

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