पछुआ हवा के चलते कनकनी बरकरार, एक सप्ताह बाद निकली हल्की धूप भी रही बेअसर

मंगलवार को दिन में 12 बजे के बाद हल्की धूप निकली. करीब डेढ़ घंटे तक धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली.

छपरा. मंगलवार को दिन में 12 बजे के बाद हल्की धूप निकली. करीब डेढ़ घंटे तक धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली. लेकिन दिनभर चल रही सर्द हवा तथा सुबह शाम में गलन अधिक होने के कारण परेशानी अभी भी बनी हुई है. हालांकि दो-तीन दिनों से सुबह में कोहरा नहीं आ रहा है. जिस कारण दिन में वाहनों का परिचालन सामान्य हो रहा है. लेकिन लगातार सर्द पछुआ हवा बहने के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही है. मंगलवार को अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार में चहल-पहल अधिक रही. नये साल की खरीदारी को लेकर भी लोग शहर के विभिन्न दुकानों में पहुंचे थे. खासकर शॉपिंग मॉल, मार्ट व गिफ्ट कॉर्नर पर भीड़ अधिक दिखी. शहर के फुटपाथी दुकानों पर भी उलेन कपड़ों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. सुबह 11 बजे से ही थाना चौक से साहेबगंज चौक के बीच काफी भीड़ दिखी. यहां सभी फुटपाथी दुकान गुलजार नजर आये. डाक बंगला रोड में भी चहल-पहल अधिक रही. वहीं विभिन्न कार्यालय में भी लोग अपने कामकाज को पूरा करने के लिए पहुंचे थे. बैंक व पोस्ट ऑफिस में भी भीड़ नजर आयी. शहर के प्रमुख बाजारों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा खरीदारों की संख्या अधिक रही. खास कर दोपहर में धूप निकलने के कारण शहर के विभिन्न मुहल्ले से लोग फल, सब्जी व घरेलू उपयोग के सामानों की खरीदारी के लिए पहुंचे थे.

अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के बाद विभाग अलर्ट

ठंड के कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आयी है लेकिन इमरजेंसी विभाग में प्रतिदिन ठंड की चपेट में आये गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. मंगलवार को भी तीन मरीज ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत लेकर पहुंचे थे. जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी. इन सभी का इमरजेंसी विभाग में इलाज किया गया. जिसमें से एक मरीज को वार्ड में शिफ्ट भी किया गया. जानकारी के अनुसार प्रतिदिन ब्रेन स्ट्रोक, कोल्ड डायरिया आदि से पीड़ित मरीज इमरजेंसी विभाग में पहुंच रहे हैं. बच्चों में कोल्ड डायरिया का असर तेजी से हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्द हवा कान से प्रवेश कर बच्चों को नुकसान पहुंचा रही है. वहीं तापमान में लगातार गिरावट होने के कारण बुजुर्ग शरीर को अनुकूल नहीं रख पा रहे हैं. जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने से ब्रेन स्ट्रोक, लकवा आदि का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में सदर अस्पताल का इमरजेंसी विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. यहां तीन शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित की गयी है. खासकर नाइट शिफ्ट में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है.

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By ALOK KUMAR

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