छपरा. छठ महापर्व के दौरान नगर निगम छपरा द्वारा किए गए सफाई प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं. दीपावली के बाद छठ पूजा को लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन इस सबका कोई असर नहीं दिखा. निगम आयुक्त सुनील कुमार पांडे ने कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि सफाई में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए और इस दौरान संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बावजूद इसके, पूरे चार दिवसीय छठ पूजा के दौरान कचरा और गंदगी शहर के विभिन्न इलाकों में फैलती रही.
निगम के 600 सफाई कर्मियों और 75 सफाई संसाधनों के साथ सफाई की पूरी तैयारी की गई थी, ताकि शहर वासियों को कोई परेशानी न हो और पूजा पंडालों तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कचरे के बीच से न गुजरना पड़े. लेकिन वास्तविकता कुछ और ही थी, जहां लोग छठ पूजा में लीन थे, वहीं सड़कों और नालियों में कचरा पड़ा हुआ था. आचार संहिता के चलते वार्ड आयुक्त और जनप्रतिनिधि सफाई के काम में मदद करने में असमर्थ रहे. इसकी वजह से चुनाव आयोग की निगरानी का डर और आचार संहिता का पालन न होने की स्थिति बनी रही, जिससे साफ-सफाई में कई दिक्कतें आईं.निगम आयुक्त और सफाई एजेंसियों के निर्देशनिगम आयुक्त सुनील कुमार पांडे ने पहले ही सफाई एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे कि प्रत्येक वार्ड की सफाई जिम्मेदारी के तहत समान रूप से करनी होगी. साथ ही, रात्रि और दिन के दौरान सफाई कार्य निरंतर जारी रखना होगा. इसके बावजूद, सफाई एजेंसियों की लापरवाही की वजह से कई क्षेत्रों में सफाई का काम अधूरा रहा और लोग कचरे से जूझते रहे. सफाई एजेंसी को दिये गये संसाधनों में 75 ट्रैक्टर, 6 टिपर, 4 पे लोडर, 4 गेमजीन और अन्य सफाई वाहन शामिल थे. बावजूद इसके, गंदगी से निजात नहीं मिल पाई.सफाई की असल स्थिति
छपरा नगर निगम क्षेत्र में कुल 45 वार्ड हैं, और इन वार्डों की जनसंख्या लगभग 2.69 लाख है. हर दिन 35,000 घरों से कचरा उठता है, जिसका औसत 87.7 टन कचरा प्रतिदिन है. नगर निगम में कुल 75 सफाई कर्मी कार्यरत हैं और सफाई पर 1.05 करोड़ रुपये हर महीने खर्च होते हैं. इसके बावजूद, इस स्तर के संसाधन और कर्मचारियों की मौजूदगी में भी कचरा उठाने और सफाई में नाकामी ने कई सवाल खड़े किए हैं.क्या कहते हैं महापौर
विधानसभा चुनाव और मॉडल कोड आफ कंडक्ट को लेकर कोई जनप्रतिनिधि स्पष्ट रूप से काम नहीं कर पाया, बावजूद नगर निगम की पूरी टीम लगी रही. कहां कमी रही लोगों से फीडबैक लिया जाएगा.लक्ष्मी नारायण गुप्ता,महापौर
सफाई बिलकुल दुरुस्त रही. कहीं कोई कमी नहीं रही. यदि कहीं कमी दिखी है तो लोग रिपोर्ट करें उसे पर कार्रवाई होगी.सुनील कुमार पांडे, नगर आयुक्त, छपरा नगरनिगम
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