saran news. चुनाव आयोग के एसओपी का सख्ती से करें अनुपालन: डीएम

विधानसभा आम चुनाव के लिए इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुक्रवार को प्रारम्भ किया गया. पहले दिन जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम अमन समीर ने अपनी निगरानी में कार्य प्रारम्भ कराया

छपरा. विधानसभा आम चुनाव के लिए इवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुक्रवार को प्रारम्भ किया गया. पहले दिन जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम अमन समीर ने अपनी निगरानी में कार्य प्रारम्भ कराया. उन्होंने कहा कि एफएलसी प्रक्रिया अति महत्वपूर्ण कार्य है. सारण को इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड हैदराबाद से एम-थ्री मॉडल की निर्मित 6210 बैलेट यूनिट, 4993 कंट्रोल यूनिट और 6134 वीवी पैट प्राप्त हुए हैं. एफएलसी के माध्यम से उनके भौतिक और तकनीकी रूप से बिल्कुल दुरुस्त होने की जांच की जा रही है. उन्होंने कार्य में लगे इसीआईएल के अभियंताओं और कर्मियों को निदेश दिया कि जांच की इस प्रक्रिया को बिलकुल सूक्ष्मता से अंजाम दें. थोड़ी गडबड़ी होने पर भी मशीन को रिजेक्ट में डाल दें. उन्होंने कहा कि एफएलसी जितने अच्छे से इसे किया जाएगा चुनाव के दौरान उतनी ही कम मशीनें खराब निकलेंगी. इससे भविष्य की आफ्टर और बिफोर पोल की परेशानियों से बचा जा सकेगा. उन्होंने मशीनों की जांच, पैकिंग, रखरखाव को हैंडल विद केयर के साथ करने की ताकीद की.

मौके पर मौजूद उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल को उन्होंने चुनाव आयोग के एसओपी का सख्ती से अनुपालन करवाने का निदेश दिया.

सीधे चुनाव आयोग कर रहा है निगरानी

एफएलसी की प्रक्रिया के निगरानी के लिए तीन सतह की व्यवस्था की गयी है. हाईटेक आईपी कैमरे से वेब टेलीकास्ट किया जा रहा है. जिसे कंट्रोल रूम में पदस्थापित दंडाधिकारी, जिला पदाधिकारी समेत राज्य व भारत निर्वाचन आयोग माॅनिटर कर रहे हैं. वहीं दूसरे सतह पर वेयरहाउस का अपना सीसीटीवी कैमरा चप्पे-चप्पे की रिकार्डिंग कर रहा है. इसके साथ ही वीडियोग्राफी के माध्यम से भी सभी कार्रवाइयों को रिकार्ड किया जा रहा है.

त्रिस्तरीय सुरक्षा के साथ पारदर्शिता का खास इन्तजाम

मौके पर मौजूद एफएलसी कोषांग के वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह नगर आयुक्त श्री सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि यह कार्य कड़ी सुरक्षा वयवस्था में संपन्न कराया जा रहा है. वेयरहाउस के अपने स्टैटिक सुरक्षा कर्मी के साथ ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्बारा अलग से मजिस्ट्रेट और चार एक का फोर्स प्रतिनियुक्त किया गया है. किसी को भी मेटल डिटेक्टर डोर से गुजर कर और फ्रिक्सिंग के बाद ही प्रवेश करना है. वेयरहाउस में मेडिकल टीम की भी तैनाती की गयी है.

सीआइएल ने भेजे हैं अपने 15 अभियंता

एफएलसी की पूरी प्रक्रिया को नोडल पदाधिकारी सह डीएमडब्लूओ श्री रवि प्रकाश ने समझाते हुए कहा कि यह मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच है. जिसे इसीआईएल के अभियंता पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कर रहे हैं. इसके लिए पहले सभी मशीनों की प्री एफएलसी जांच की जा रही है. तब विविपैट में डमी सिम्बाॅल की लोडिंग करने के बाद प्रत्येक बीयू, सीयू और विविपैट को कनेक्ट कर प्रत्येक 16 बटन पर छह-छह वोट डाले जा रहे हैं. अंत में डाले गए कुल वोटों के रिजल्ट से विविपैट के पर्ची की गिनती कर मिलान किया कर टेस्ट में पारित और रद्द मशीनों को आयोग के विशेष ऐप ईएमएस-0.2 पर स्कैन के माध्यम से अपलोड किया जा रहा है. इस दौरान सीयू पर लगने वाले पिंक पेपर सील का भी विशेष नंबर अपलोड किया जा रहा है. मौके पर जदयू के मो फिरोज, राजद के उपेन्द्र यादव, एलजेपी के कौशल सिंह, आरएलएसपी के डॉ अशोक कुशवाहा आदि उपस्थित थे.

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Published by: Shashi kant kumar

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