Saran News: (अभय सिंह) सोनपुर प्रखंड की गोपालपुर पंचायत में गंगा नदी का कटाव स्थानीय ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. नदी किनारे बसे एक दर्जन से अधिक परिवार हर पल अपने घर और जमीन के नदी में समाने की आशंका के बीच जीवन गुजार रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जहां जमीन पर कटाव साफ नजर आ रहा है, वहीं विभागीय रिपोर्ट में स्थिति को सामान्य बताकर मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है.
तेजी से बढ़ रहा नदी का कटाव
ग्रामीणों के अनुसार गंगा नदी लगातार किनारे की जमीन को अपनी चपेट में ले रही है. कटाव की रफ्तार बढ़ने से कई घर अब नदी के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच गए हैं. लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के बाद हालात और अधिक भयावह हो जाते हैं. स्थानीय निवासी अवधेश सिंह ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई वर्षों से संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
विभागीय रिपोर्ट पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
इधर, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग की जांच रिपोर्ट ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है. विभाग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच के दौरान कहीं भी कटाव की स्थिति नहीं पाई गई. ग्रामीणों ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि अधिकारी सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं. उनका कहना है कि वास्तविक स्थिति देखने के बजाय कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जबकि हकीकत में उनकी जमीनें धीरे-धीरे गंगा नदी में विलीन होती जा रही हैं.
कटाव रोकने की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कई परिवार बेघर हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने विभागीय जांच की निष्पक्ष समीक्षा कराने की भी मांग की है.
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