कृषि विभाग ने प्रखंडों से फसल नुकसान की मांगी रिपोर्ट

मोंथा चक्रवात का असर जिले में लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा. कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.

छपरा. मोंथा चक्रवात का असर जिले में लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा. कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हुए हैं, वहीं चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारी और कर्मी भी मुश्किल में हैं. धान की खड़ी फसल जहां बर्बाद हो चुकी है, वहीं आगामी छह नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बनाये गये डिस्पैच सेंटर, मतदान केंद्र और मतगणना स्थल* बारिश के पानी में डूब गये हैं या कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं. उधर, छपरा नगर निगम क्षेत्र की सड़कों और मोहल्लों में जलजमाव से लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है.लगातार बारिश से हुई तबाही को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से फसलों के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है. विभाग के अनुसार, खड़ी फसल को तो सीमित नुकसान हुआ है, लेकिन कटाई के बाद खेत या खलिहान में रखे धान और सब्जी फसलों को भारी क्षति पहुंची है. अधिकारियों ने बताया कि जिले में सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में हरी सब्जियां और तिलहन फसलें भी पूरी तरह नष्ट हो गयी हैं. नुकसान का आकलन करने के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जायेगी.

चुनाव तैयारी में ‘मोंथा’ बना खलनायक

आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन मोंथा चक्रवात ने प्रशासन की मेहनत पर पानी फेर दिया है. जिन भवनों में मतदान कर्मियों के डिस्पैच सेंटर बनाये गये हैं, वहां जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन गयी है. मतगणना केंद्र परिसर में भी पानी भर गया है. कई मतदान केंद्रों की हालत इतनी खराब है कि वहां मतदान कराना चुनौती बन गया है. जिलाधिकारी ने स्थिति को गंभीर मानते हुए नगर निगम, जल निकासी और स्वच्छता एजेंसियों को तत्काल सफाई, जल निकासी और कीचड़ हटाने का निर्देश दिया है.

नगर निगम ने शुरू की सफाई, कई टीमें की गयीं प्रतिनियुक्त

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद नगर आयुक्त ने जल निकासी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं. निगम क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है.

विभिन्न स्थानों पर प्रतिनियुक्त कर्मियों की सूची

राजेन्द्र कॉलेज छपरा में भरत प्रसाद, सोनू कुमार, राकेश कुमार, पप्पू कुमार, सुशील कुमार, मो इजाजुल हक, नन्हे राम, कंचन, शिव कुमार राम और उपनगर आयुक्त मो. अरसद इमाम और बाजार समिति, छपरा में संजय कुमार राम, असगर अली, राजन, अरुण कुमार, सुधीर कुमार, आनंद कुमार सिंह, राजेंद्र अमरनाथ, शंकर बासफोर, स्वच्छता पदाधिकारी संजीव कुमार मिश्र और सुमित कुमार. इसके अलावा जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा में सुमित कुमार, पवन कुमार राय, रणजीत कुमार, मो सैफ, राजेंद्र, अमरनाथ, सुरेन्द्र मांझी, सिटी मैनेजर वेद प्रकाश वर्णवाल, गणेश कुमार सिंह, कौशल कुमार पंडित और सिटी मैनेजर अरविंद कुमार है.

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Published by: Alok kumar

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