छपरा. प्रचंड गर्मी के बीच अब पशु-पक्षियों के साथ-साथ मानवों को भी पानी की कमी महसूस होने लगी है. शहर में इस समय पेयजल की स्थिति बहुत ही खराब है. नगर निगम क्षेत्र में न तो पर्याप्त संख्या में स्टैंड पोस्ट हैं और न ही चौक-चौराहों पर चापाकल चालू हालत में हैं. इस वजह से आम जनता को शुद्ध पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, नगर निगम ने अब स्थिति को सुधारने के लिए काम शुरू किया है.
नगर निगम ने छपरा नगर निगम क्षेत्र के सभी 45 वार्डों में खराब पड़े 450 चापाकलों की मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. नगर आयुक्त सुनील कुमार पांडेय ने इस कार्य की शुरुआत 15 अप्रैल से की थी, हालांकि इस कार्य की वास्तविकता रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.प्रत्येक वार्ड में लगाये गये तीन मिस्त्री
नगर निगम का दावा है कि प्रत्येक वार्ड में तीन मिस्त्री लगाये गये हैं, ताकि चापाकल की मरम्मत जल्दी से पूरी की जा सके. इससे गर्मी में किसी भी राहगीर को पानी के लिए परेशान न होना पड़े. वहीं नगर निगम का दावा है कि 450 खराब चापाकलों में से 243 की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है. बाकी चापाकलों की मरम्मत का कार्य सभी वार्डों में चल रहा है. लोग देख सकते हैं कि उनके वार्ड में मरम्मत का कार्य पूरा हुआ है या नहीं. अगर मरम्मत कार्य पूरा नहीं हुआ है, तो वे सिटी मैनेजर से अपनी शिकायत कर सकते हैं.
जिले में 32,577 चापाकल होंगे दुरुस्त
पूरे जिले में विभिन्न मदों से कुल 32,577 चापाकल स्थापित किये गये हैं. पिछले वर्ष विभाग ने 1,896 चापाकलों की मरम्मत की थी और उन्हें चालू किया था. वर्तमान में, प्रत्येक प्रखंड स्तर पर मरम्मत दल काम कर रहे हैं और अगले 10 दिनों में जिले के सभी बंद पड़े सार्वजनिक चापाकलों को चालू किया जाएगा. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता या कनीय अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जन प्रतिनिधियों से संपर्क कर बंद चापाकलों की सूची प्राप्त करें और उनकी मरम्मत सुनिश्चित करें.कंट्रोल रूम किया गया चालू
चापाकलों की मरम्मत से संबंधित शिकायतों के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. इसका दूरभाष संख्या 06152-244791 है. कोई भी ग्रामीण इस नंबर पर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा, अगर किसी पंचायत में जल की कमी है, तो वहां नए चापाकल की स्थापना या टैंकर से जलापूर्ति की व्यवस्था भी की जायेगी.
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