तरैया. मोंथा चक्रवाती तूफान व बारिश ने किसानों की मेहनत की कमाई को डुबो दिया. किसानों के तैयार धान के फसल को पानी व तेज हवा ने तहस नहस कर दिया. धान के तैयार फसल पानी व तेज हवा के कारण खेतों में गिर गए है. वहीं कुछ किसान के धान की कटनी कर खेतों में पड़े थे जो पानी में तैर रहे है. धान के बाली हवा के झोंके से गिर पड़े है तो कटनी की गयी धान की पसारी खेतों में तैर रहे है. बारिश व तेज हवा के कारण किसान अपने फसलों को बचा नहीं पा रहे है. चक्रवाती तूफान व बेमौसम बरसात से किसान अब दो तरफी मार झेलेंगे. क्योंकि एक तरफ धान का तैयार फसल पानी मे डूब कर सड़गल रहे है. तो दूसरी तरफ खेतों में पानी लगने से आलू,तोड़ी व अन्य फसलों की बुआई समय पर नहीं होगी. किसानों की मेहनत की कमाई पर पानी फिर गया. तरैया प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू ने बिहार सरकार व केन्द्र सरकार से किसानों के फसलों की आकलन करा कर मुआवजे की मांग किया है ताकि किसानों को आर्थिक मदद मिल सके. प्रमुख प्रतिनिधि श्री विक्कू ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी व जिला कृषि पदाधिकारी सारण से फसलों की आकलन कर मुआवजे की मांग किया है.
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