हरदिया चंवर में जलजमाव से रबी फसल की बुआई प्रभावित

गेहूं के उत्पादन में मिनी हरियाणा के नाम से चर्चित हरदिया चंवर में अभी तक जलजमाव बना हुआ है. लिहाजा यहां रबी फसल की बुआई में ही ग्रहण लग गया है.

दरियापुर. गेहूं के उत्पादन में मिनी हरियाणा के नाम से चर्चित हरदिया चंवर में अभी तक जलजमाव बना हुआ है. लिहाजा यहां रबी फसल की बुआई में ही ग्रहण लग गया है. हजारों एकड़ में फैले जिले के चर्चित हरदिया चंवर में अमूमन अक्तूबर माह के मध्य तक पूरी तरह से पानी निकल जाता था और तोड़ी, सरसों, मसूर आदि की बुआई शुरू हो जाती थी. नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं की बुआई शुरू हो जाती थी. यहां की मुख्य फसल गेहूं ही हैं. क्योंकि जलजमाव के कारण धान की बुआई होती ही नहीं. लेकिन मात्र गेहूं की बुआई कर यहां के किसान इतना उत्पादन कर लेते है कि सालों भर खाने के अलावे उसकी बिक्री कर घर की सारी जरूरतों को पूरी कर लेते हैं. अन्य जगहों से यहां की मिट्टी में रबी फसल का उत्पादन काफी अधिक होता है, लेकिन इस बार रबी फसल की बुआई पर ही ग्रहण लग गया है. स्थिति ऐसी है कि नवंबर में भी बुआई शुरू नहीं हो सकती. किसान काफी चिंतित हैं. बताया जाता है कि गंगा, गंडक व अन्य नदियों और नहरों का पानी हरदिया चंवर में गिरता है. जिसमें दबंग लोग मछली का शिकार करते हैं. बताया जा रहा है कि जहां तहां पुल पुलियों से होकर पानी के बहाव को मछली पकड़ने वालों द्वारा रोक दिया गया है. ताकि जल्दी पानी गंगा या गंडक में गिर न जाये और मछली का धंधा देर तक चलता रहे. इस वजह से इसी स्थिति उत्पन्न हुई है. प्रशासन इस पर पूरी तरह से मौन है.

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By ALOK KUMAR

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