सारण : 6 महीने की सियासी उठापटक खत्म, गड़खा में फूल जहां बेगम बनीं प्रमुख, राकेश कुमार उपप्रमुख

Garkha Block Pramukh Election : छपरा के गड़खा प्रखंड में लंबे समय से चली आ रही सियासी उठापटक खत्म हो गई है. फूल जहां बेगम को निर्विरोध प्रखंड प्रमुख चुना गया है, जबकि राकेश कुमार ने उपप्रमुख पद पर जीत दर्ज की है.

Garkha Block Pramukh Election : छपरा के गड़खा प्रखंड में पिछले छह महीने से प्रमुख और उपप्रमुख की कुर्सी को लेकर चल रही सियासी उठापटक बुधवार को खत्म हो गई. अविश्वास प्रस्ताव के बाद खाली पड़े दोनों पदों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग के निर्देश पर चुनाव कराया गया. प्रमुख पद पर फूल जहां बेगम निर्विरोध चुनी गईं, जबकि उपप्रमुख पद पर राकेश कुमार ने जीत दर्ज की.

फूल जहां बेगम को मिले सभी 32 वोट

गड़खा प्रखंड प्रमुख पद के लिए सुबह 11 बजे से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई. सबसे पहले नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई और इसके बाद प्रत्याशियों की सूची प्रकाशित की गई. नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतपत्र तैयार किए गए. प्रमुख पद के लिए फूल जहां बेगम ही एकमात्र प्रत्याशी थीं.

35 में 32 पंचायत समिति सदस्यों ने लिया हिस्सा

एसडीएम सह निर्वाचन पदाधिकारी नितेश कुमार के अनुसार, गड़खा प्रखंड में पंचायत समिति के कुल 35 सदस्य हैं. चुनाव के दौरान 32 सदस्य उपस्थित रहे, जबकि तीन सदस्य अनुपस्थित रहे. प्रमुख पद की एकमात्र प्रत्याशी फूल जहां बेगम को सभी 32 उपस्थित सदस्यों का समर्थन मिला. इसके साथ ही उन्हें निर्विरोध प्रमुख घोषित कर दिया गया.

19 वोट पाकर राकेश कुमार बने उपप्रमुख

उपप्रमुख पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में थे. इनमें राकेश कुमार और अजीत कुमार शामिल थे. मतदान के बाद राकेश कुमार को 19 वोट मिले, जबकि अजीत कुमार के पक्ष में 12 वोट पड़े. एक वोट अवैध पाया गया. इस तरह राकेश कुमार ने सात वोटों के अंतर से उपप्रमुख पद पर जीत दर्ज की.

उपप्रमुख चुनाव में भी 32 सदस्यों ने डाला वोट

उपप्रमुख पद के लिए चुनाव प्रक्रिया दोपहर 12:20 बजे शुरू हुई. प्रमुख पद की तरह नामांकन, नाम वापसी, मतपत्र और मतदान समेत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया. कुल 35 पंचायत समिति सदस्यों में से 32 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया.

उप प्रमुख राकेश कुमार की फाइल फोटो

मई में अविश्वास प्रस्ताव के बाद खाली हुई थीं दोनों कुर्सियां

गड़खा की तत्कालीन प्रखंड प्रमुख रेणु देवी और उपप्रमुख सुनैना देवी के खिलाफ मई में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. 29 मई को आयोजित विशेष बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मत विभाजन कराया गया था. प्रमुख रेणु देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 27 मत पड़े थे, जबकि विरोध में एक मत मिला था. इस तरह प्रस्ताव 27-1 से पारित हो गया था.

उपप्रमुख के खिलाफ 28-0 से पारित हुआ था प्रस्ताव

तत्कालीन उपप्रमुख सुनैना देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 28 मत पड़े थे. प्रस्ताव के विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा था. इस तरह उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 28-0 से पारित हुआ था. प्रस्ताव पारित होने के बाद दोनों पद रिक्त हो गए थे.

करीब ढाई महीने बाद हुआ नए प्रमुख-उपप्रमुख का चुनाव

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद करीब ढाई महीने तक दोनों पद खाली रहे. इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के तहत 19 अगस्त को प्रमुख और उपप्रमुख पद के लिए चुनाव कराया गया. चुनाव परिणाम के साथ ही लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता पर विराम लग गया.

अपने समर्थकों के साथ प्रमुख

तीर्थ और पर्यटन स्थलों की यात्रा को लेकर भी चर्चा

चुनाव के दौरान पंचायत समिति सदस्यों को अपने पक्ष में रखने के लिए राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग प्रयास किए जाने की चर्चा रही. बताया गया कि समिति सदस्यों का एक बड़ा समूह जगन्नाथ पुरी समेत अन्य तीर्थ और पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गया था. दावा है कि चुनाव से एक दिन पहले सदस्यों को छपरा वापस लाया गया. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों की भी चर्चा

चुनाव से पहले सदस्यों को एकजुट रखने के लिए राजनीतिक खेमों में जोड़तोड़ की चर्चा रही. हॉर्स ट्रेडिंग की भी चर्चा सामने आई, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या ठोस तथ्य सामने नहीं आया है. ऐसे में इन दावों को केवल राजनीतिक चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है.

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की व्यवस्था की गई थी. निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहले प्रमुख पद और उसके बाद उपप्रमुख पद का चुनाव कराया गया.

छह महीने की सियासी खींचतान के बाद नई टीम

गड़खा प्रखंड में अब प्रमुख पद की जिम्मेदारी फूल जहां बेगम और उपप्रमुख पद की जिम्मेदारी राकेश कुमार के पास होगी. दोनों के निर्वाचन के साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के बाद खाली हुई कुर्सियों पर नई नियुक्ति हो गई है. अब पंचायत समिति के कामकाज और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई टीम पर होगी.

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By चंद्रशेखर कुमार

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