छपरा. नयी शिक्षा नीति 2020 शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और बाजारीकरण का दस्तावेज है. जो सामाजिक न्याय और समान अवसर की अवधारणा पर सीधा हमला करती है. यह बातें आइसा के राज्य सचिव सबीर कुमार ने कहीं. कुमार ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सारण जिला कमेटी की बैठक में उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि एचइएफए कानून के जरिए विश्वविद्यालयों को कर्ज में डुबोकर उन्हें कॉरपोरेट हितों के हवाले किया जा रहा है. जिससे उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से बाहर होती जा रही है. वहीं प्रस्तावित वीबीएसए कानून शैक्षणिक स्वायत्तता, संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को खत्म करने की साजिश है. जिसे आइसा किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि आइसा छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को साथ लेकर इन छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष को तेज करेगी. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कुणाल कौशिक ने संचालन जिला सचिव दीपांकर मिश्र ने किया. बैठक में छात्र हितों पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ नए वर्ष में संगठित संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया. शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ व्यापक छात्र गोलबंदी करने पर सहमति बनी. इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लागू करने की तैयारी में लाए जा रहे विकसित भारत शिक्षा संस्थान विधेयक के विरोध में राज्य स्तरीय आंदोलन की रणनीति तय करने हेतु राज्य परिषद की बैठक छपरा में आयोजित करने का निर्णय लिया गया. साथ ही संकल्प लिया गया कि सारण जिले में शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों से जुड़े सवालों पर आइसा लगातार हस्तक्षेप करेगी और छात्र आंदोलन को नई मजबूती प्रदान करेगी. बैठक में जगदम कॉलेज अध्यक्ष विकास कुमार, राज्य कमेटी सदस्य रानी कुमारी, मनीष कुमार, रमेश गुप्ता, नीरज कुमार, बिट्टू कुमार, राजलक्ष्मी कुमारी, अपराजिता कुमारी, अखिलेश कुमार तथा सितारा प्रवीण आदि उपस्थित थे.
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