छपरा. विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले 22 शिक्षकों को निलंबन मुक्त करने की कार्रवाई धीरे-धीरे शुरू हो गयी है. इन शिक्षकों पर आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पहले चरण में उन शिक्षकों को निलंबन मुक्त किया जा रहा है जिनके द्वारा कोर्ट से बेल ले लिया गया है. इनमें आठ शिक्षक शामिल है. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी. शेष शिक्षकों जिन्हें निलंबन मुक्त नहीं किया गया है उनके मामले में संबंधित नियोजन इकाई को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. ऐसे शिक्षकों की संख्या 14 है.
इन्हें किया गया निलंबन मुक्त
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिन आठ शिक्षकों को कोर्ट से बेल मिला है उनमें शिक्षक सुरेंद्र सिंह, प्रियंका कुमारी, डॉ जफर हुसैन, राजेश तिवारी, सुरेंद्र प्रसाद यादव, मुकेश कुमार, धर्मेंद्र कुमारसिंह, अमरेश कुमार सिंह शामिल है. इन सभी को फिलहाल निलंबन से मुक्त किया गया है, लेकिन कोर्ट के कार्रवाई के साथ-साथ विभाग की भी कार्रवाई जारी रहेगी.क्या था पूरा मामला
विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान सारण के कई शिक्षकों के द्वारा मीडिया हाउस के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया गया था और उसमें सरकार के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी गयी थी. कई शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर भी सरकार के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी थी. चुनाव के दौरान विजिलेंस की टीम ने इन सब बातों पर नजर रखी और ऐसे सरकारी कर्मियों पर कार्रवाई के लिए अनुशंसा की थी. तत्कालीन जिलाधिकारी अमन समीर ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. हालांकि काफी शिक्षकों के खिलाफ आरोप नहीं बना था और उनके खिलाफ प्राथमिकी नहीं हुई थी. कुछ ऐसे शिक्षक भी है जो नियोजन इकाई और नगर निकाय से जुड़े हुए हैं जिनके निलंबन मुक्ति का फैसला नियोजन इकाई के द्वारा ही की जायेगी.
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