छपरा. कचहरी स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित पुराने और जर्जर रेलवे क्वार्टर लंबे समय से असामाजिक तत्वों और अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां अपराधियों का जमावड़ा कोई नयी बात नहीं है. आये दिन इस इलाके में हत्या, छिनतई, लूटपाट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं घटित होती रहती हैं, जिससे आसपास के मोहल्लों में दहशत का माहौल बना रहता है. हाल के दिनों में कई गंभीर घटनाएं सामने आयी हैं. 27 जनवरी को विकास तिवारी की अपराधियों द्वारा लूट के क्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. वहीं एक दशक पहले कुख्यात अपराधी अभिषेक शर्मा उर्फ नेपाली की हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था. दानापुर से परीक्षा देने आए मढ़ौरा के एक छात्र की भी चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी. इसके अलावा, जगदम कॉलेज जा रही एक छात्रा से मोबाइल छीनने के दौरान अपराधियों ने उसे भी चाकू मारकर हत्या कर दी थी. रेलवे प्रशासन ने इन क्वार्टरों को खाली कराया है, लेकिन अब तक इन्हें पूरी तरह परित्यक्त या ध्वस्त नहीं किया गया है. इसी कारण यह जगह अपराधियों और नशेड़ी तत्वों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गयी है. सुनसान और जर्जर भवन अपराधियों के लिए छिपने का सेफ जोन बन गये हैं.
नियमित गश्ती नहीं होने से बढ़ी अपराधियों की सक्रियता
मोहल्लेवासियों ने बताया कि यह इलाका शाम के बाद बिल्कुल सुनसान हो जाता है और लोगों का आवागमन बंद हो जाता है. इसके कारण अपराधी यहां नशा करते हैं और अपराध की योजना बनाकर घटनाओं को अंजाम देते हैं. नियमित गश्ती वाहन भी यहां नहीं जाते, जिससे यह क्षेत्र अपराधियों के लिए सुरक्षित जोन बन गया है.रेलवे फुट ओवरब्रिज भी नहीं सुरक्षित
रेलवे फुट ओवरब्रिज पर भी सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं. लोग चोरी और छिनतई के डर से फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल नहीं करते और रेलवे लाइन पार कर ही शहर के दूसरे मोहल्लों की ओर जाते हैं. असामाजिक तत्व और चोर इसका फायदा उठाकर वारदात करते हैं. पुराने सांढा ढाला के आसपास भी चोरी और छिनतई की घटनाएं बढ़ गयी हैं. ऊपरगामी पुल की सीढ़ी पर भी अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है.
