saran news. शिक्षा और जागरूकता ही जनसंख्या नियंत्रण का प्रमुख माध्यम : प्राचार्य

राजेंद्र कॉलेज में जनसंख्या दिवस पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम, क्विज व व्याख्यान के माध्यम से छात्रों को किया गया जागरूक

छपरा. सेहत केंद्र व राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर क्विज एवं व्याख्यान के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं आमजन में जनसंख्या विस्फोट की चुनौतियों और समाधान के प्रति जागरूकता फैलाना था.

इस कार्यक्रम के संरक्षक व अध्यक्ष कॉलेज के प्राचार्य प्रो उदय शंकर पाण्डेय थे, जिन्होंने अपने भाषण में कहा कि जनसंख्या वृद्धि यदि नियंत्रित न की जाये, तो यह संसाधनों पर भारी दबाव डाल सकती है. शिक्षा और जन-जागरूकता ही इसके नियंत्रण का प्रमुख माध्यम है.

जनसंख्या व पर्यावरण के बीच गहरे संबंध को किया रेखांकित

कार्यक्रम के संयोजक व सेहत केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ अनुपम कुमार सिंह ने विषय प्रवर्तन करते हुए जनसंख्या और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जनसंख्या का संतुलन ही टिकाऊ भविष्य की आधारशिला है. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच क्विज का भी आयोजन किया गय,. जिसमें भारत और विश्व जनसंख्या के संबंध में प्रश्न शामिल थे. व्याख्यान में डॉ अनुपम कुमार सिंह ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसंख्या से संबंधित वैश्विक मुद्दों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है. राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा 1989 में घोषित किया गया था, तभी से यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है. जिससे जनसंख्या वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जा सके. 2025 में विश्व जनसंख्या दिवस की थीम युवाओं को एक निष्पक्ष और आशापूर्ण विश्व में अपने मनचाहे परिवार बनाने के लिए सशक्त बनाना है. विश्व जनसंख्या दिवस हमें यह अवसर देता है कि हम वैश्विक और स्थानीय स्तर पर जनसंख्या से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता को समझें और उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएं. यदि हम शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित कर सकें तो सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति और भावी पीढ़ियों के लिए एक संतुलित व समृद्ध भविष्य संभव हो सकेगा. इस कार्यक्रम में शिक्षक डॉ इकबाल जफर अंसारी, शादाब हाशमी, भावेश कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रही.

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By Shashi Kant Kumar

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