बनियापुर. चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन रविवार को व्रतियों ने पवित्र और स्वच्छ वातावरण में खरना विधि पूरी की. इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर सूर्यास्त के बाद मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से प्रसाद बनाते हैं. परंपरा के अनुसार, गेहूं के आटे की रोटी और खीर प्रसाद के रूप में तैयार की जाती है. प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती से आशीर्वाद लेकर परिवार के सदस्य भी श्रद्धापूर्वक उसे ग्रहण करते हैं. खरना संपन्न होते ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ हो गया है, जो मंगलवार की सुबह उदयीमान सूर्य को अर्घ्य अर्पण करने के साथ समाप्त होगा। सोमवार की शाम व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ देंगे.
बाजारों में खरीददारी को लेकर उमड़ी भीड़, लगा जाम
छठ पर्व को लेकर पूजन सामग्री की खरीददारी रविवार को चरम पर रही. एनएच-331 स्थित बनियापुर मुख्य बाजार, सहाजितपुर, पुछरी समेत आसपास के बाजारों में व्रतियों और उनके परिजनों की भारी भीड़ उमड़ी. खरीदारी को लेकर बाजारों में पूरे दिन जाम जैसी स्थिति बनी रही. दुकानदारों में बिक्री को लेकर उत्साह देखने को मिला.छठ घाटों पर फैला कचरा, व्रतियों में नाराजगी
छठ महापर्व नजदीक आने के बावजूद प्रायः सभी छठ घाटों पर कचरे का अंबार फैला हुआ है. सरेया, सतुआ सहित कई पंचायतों में घाटों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है. व्रतियों का कहना है कि साफ-सफाई के अभाव में पूजा स्थल पर पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक न तो प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल की गयी है और न ही जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में रुचि दिखायी है. प्रखंड स्तरीय अधिकारी चुनावी कार्यों में व्यस्त होने के कारण घाटों की सफाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं. वहीं प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों की निष्क्रियता के बीच कई जगहों पर परदेश से लौटे युवक और स्थानीय युवा स्वयं आगे आकर घाटों की सफाई में जुट गए हैं। श्रमदान के माध्यम से वे छठ घाटों को पूजा योग्य बना रहे हैं.
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