पहले जुमे की नमाज अदा करने के लिए मसजिदों में उमड़ी भीड़
छपरा : रमजान माह के पहले जुमे की नमाज अदा करने के लिए मसजिदों में रोजेदारों की खासी भीड़ उमड़ पड़ी. हजारों रोजेदारों ने नमाज अदा करके मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी. साहेबगंज स्थित जामा मसजिद एवं शहर की प्रमुख मसजिदों में वक्ता व इमाम हजरात ने कहा कि रमजान का पवित्र माह वह है, जिसमें 11 माह के गुनाहों की माफी मिलती है. खुद को पाक, साफ रखना है तो दीन के बताये रास्ते पर चलो. वह काम करो जिससे खुदा खुश हो. शरीयत कहती है किसी को कष्ट मत दो, किसी से झूठ मत बोलो. अपने हाथ एवं जुबां से किसी को कष्ट न पहुंचा. चाहे वह किसी भी मजहब को मानने वाला हो. इस्लाम में तो इनसान के साथ जानवरों को भी कष्ट नहीं पहुंचाने की बात कही गयी है.
एक दूसरे से प्यार, मोहब्बत करें. प्रत्येक रोजेदार को ईद से पहले फितरा अवश्य निकालना चाहिए. अल्लाह ताला फितरा निकालने वालों से रोजे के दौरान हुए गुनाहों की माफी देता है. जुमा के दिन नगर निगम की ओर से साफ-सफाई करायी गयी. जुमा की नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों के मसजिदों में आने का क्रम दोपहर से ही शुरू हो गया. शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी.
बड़ा तेलपा स्थित जामा मसजिद के साथ खनूआ अहले हदीस मसजिद, मौला मसजिद, जुमनी मसजिद छोटा तेलपा मसजिद के इमामों ने कहा कि रमजान माह का पहला अशरा चल रहा है और दूसरा शुरू होने वाला है. यह असरा मगफिरत का होगा. हर रोजेदार को गुनाहों से तौबा कर अल्लाह ताला से माफी मांगनी चाहिए. एक नई जिंदगी को शुरू करने का इरादा करना चाहिए.
