छपरा(कोर्ट) : गुजरात के उद्योग पति पुत्र सोहैल हिंगोरा के अपहरण मामले में अभियोजन द्वारा कांड के प्रथम अनुसंधान कर्ता को साक्ष्य हेतु कोर्ट में प्रस्तुत किया गया. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अशोक कुमार गुप्ता के न्यायालय में चल रहे हिंगोरा अपहरण के सत्रवाद 283/14 में गुरुवार को अपरलोक अभियोजक रामनारायण प्रसाद ने कांड के प्रथम आइओ मोहन कुमार सिंह को साक्ष्य के लिये कोर्ट में पेश किया. एसआइ सिंह घटना के वक्त नयागांव थाना में पदस्थापित थे
और उन्हें कांड संख्या 111/13 का आइओ बनाया गया था. अपनी गवाही में उन्होंने कहा कि वे सर्वप्रथम कांड के अभियुक्त रंजीत सिंह के घर चतुरपुर गये, जहां उन्होंने चौकीदार रमेश कुमार और ग्रामीण मुकेश कुमार का बयान लिया. उसके बाद इसी मामले में हाजीपुर के नखास चौक से गिरफ्तार रामप्रकाश का स्वीकारोक्ति बयान दर्ज किया था. उसने अपने बयान में कहा था कि सोहैल के फिरौती के रूप में मिली रकम में से उसे चार लाख रुपया मिला था, जिसमें उसने एक लाख 84 हजार रुपया आइडीबीआइ बैंक में जमा करवा दिया
और बाकी बचे रकम में से उसने एक पिस्तौल व अन्य सामान खरीदे थे. उसके बयान देने के बाद उसके घर से बैंक में जमा रकम का रशीद , पिस्तौल और अन्य सामान को बरामद किया गया था. अनुसंधानकर्ता सिंह जो फिलवक्त मढ़ौरा थाना में पोस्टेड है का अभियोजन के द्वारा आंशिक परीक्षण किया गया है शनिवार को पुनः इनका परीक्षण किया जायेगा. परीक्षण के वक्त बचाव पक्ष के अधिवक्ता भुनेश्वर शर्मा और बीरेश चौबे भी उपस्थित थे. साथ ही मामले में बनाये गये सभी आरोपितों की ओर से अपनी अपनी हाजरी व पेशी की गयी. अगली गवाही शनिवार को होगी.
