अब अफसर पंचायतों को लेंगे गोद, बनेंगे शौचालय

छपरा (सदर) : वर्ष 2019 तक जिले के सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना है. इसके लिए स्वच्छ भारत अभियान तथा नमामि गंगे के तहत हर घर में शौचालय के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आमजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. वहीं शौचालय का निर्माण […]

छपरा (सदर) : वर्ष 2019 तक जिले के सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना है. इसके लिए स्वच्छ भारत अभियान तथा नमामि गंगे के तहत हर घर में शौचालय के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आमजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. वहीं शौचालय का निर्माण करने वाले को जिला प्रशासन के द्वारा 12 हजार रूपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से लाभुक के खाते में भेजी जा रही है.

जिससे कहीं भी शौचालय के अभाव में व्यक्ति खुले में शौच के लिए मजबूर नहीं हो. स्वच्छ भारत अभियान, लोहिया स्वच्छता मिशन तथा नमामी गंगे के तहत प्रत्येक प्रखंड के चार-चार पंचायतों को वित्तीय वर्ष 16-17, 17-18 में लगातार गोद लेकर प्रखंड स्तर के चार पदाधिकारी चरणवार संबंधित पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए घर-घर शौचालय बनाने तथा ग्रामीणों को शौचालय के उपयोग के जागरूक करने का कार्य करेंगी. इसके लिए विभिन्न पदाधिकारियों के द्वारा अपने-अपने स्तर से गोद लेने वाले पंचायतों का चयन करने का कार्य 80 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है.

शीघ्र ही सभी पदाधिकारी गोद लेने वाले पंचायत का नाम जिला मुख्यालय स्थित जिला स्वच्छता समिति को भेजने के बाद अपना दायित्व पुरा करेंगे. जिला जल स्वच्छता समिति के उपाध्यक्ष सह डीडीसी सुनिल कुमार तथा जिला जल स्वच्छता समिति के सचिव सह डीआरडीए के निदेशक सुनिल कुमार पांडेय की माने तो चालू वर्ष में 80 पंचायतों में प्रथम चरण में खुले में शौच से मुक्त करने की योजना है जिसके लिए संबंधित प्रखंड के बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, पीओ तथा पीआरएस व अन्य तकनीकी विंग को एक-एक पंचायत गोद लेकर खुले में शौच से मुक्त करना है. इससे सरकार के निर्देश के आलोक में 82 पंचायतों में यह कार्य चल रहा है. डीडीसी की माने तो सारण जिले में गत दिनों बाढ़ आने तथा लंबे समय तक अधिकतर गांवों में बाढ़ का पानी जमा रहने, सोनपुर मेंला आदि कारणों से लक्ष्य अप्रैल तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया. परंतु इस लक्ष्य को 15 अगस्त तक पूरा करने की तैयारी है.

पंचायतों के गोद लेने के मामले में अधिकतर सीडीपीओ लापरवाह : विभागीय नियमानुसार सभी सीडीपीओ को अपने-अपने प्रखंड में एक-एक पंचायत को गोद लेकर उसे खुले में शौच से मुक्त करना था परंतु, बार-बार पत्राचार और यहां तक की वेतन रोके जाने के बाद भी महज 9 प्रखंडों की सीडीपीओ ने गोद लिये गये पंचायतों का नाम लिया है. शेष 11 प्रखंडों के सीडीपीओ ने अभी भी गोद लिये गये पंचायतों का ब्योरा जिला जल एवं स्वच्छता समिति को नहीं दिया. जिन सीडीपीओ ने पंचायतों को गोद लिया है उनमें जलालपुर, नगरा, परसा, मशरक, दिघवारा, मढौरा, छपरा सदर, सोनपुर तथा बनियापुर शामिल है.
अन्य 11 पंचायतों की सीडीपीओ इस मामले में उदासीन है. जिनके विरूद्ध कार्रवाई की तैयारी में है.
31 मार्च 2017 तक खुले में शौच मुक्त पंचायतो कों मिलेगा अतिरिक्त एक करोड़ रूपये : डीडीसी सह समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार के अनुसार 31 मार्च 2017 तक जिले के दो पंचायत खुले में शौच से मुक्त हो चुके है. उन पंचायतों में विकास के विभिन्न कार्यों के लिए बिहार सरकार द्वारा एक करोड़ रूपये अतिरिक्त दिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि सारण जिले में भी चार से पांच पंचायतों के 31 मार्च 2017 के पूर्व खुले में शौच मुक्त होने की सूचना है. जिसका सत्यापन किया जा रहा है.

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