उदासीनता. अधर में लटका मशरक-थावे के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का मामला
छपरा(सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-थावे रेलखंड के मशरक-थावे के बीच ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का मामला अधर में लटक गया है. उद्घाटन के लिए दो बार कार्यक्रम का निर्धारण किया गया और दोनों बार स्थगित कर दिया गया. शुरुआती दौर में 31 मार्च को सबसे पहले कार्यक्रम का निर्धारण किया गया और रद्द कर दिया गया. पुनः 13 अप्रैल को कार्यक्रम कराने की खबर आयी लेकिन कार्यक्रम का निर्धारण नहीं हो सका. पुनः 17 अप्रैल को को उद्घाटन का कार्यक्रम निर्धारित किया गया. 31 मार्च और 17 वाले कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र भी बंट गया. लेकिन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया.
उद्घाटन के लिए दो बार कार्यक्रम का निर्धारण किया गया और बाद में स्थगित कर दिया गया
सारण प्रमंडल के लिए है महत्वपूर्ण
मशरक-थावे रेलखंड सारण प्रमंडल के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इस रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से ग्रामीण इलाकों के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी. लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग ट्रेनों का परिचालन बहाल होने की आशा लगाये बैठे हैं. करीब एक दशक से इस रेल खंड को छोटी रेल लाइन से बड़ी रेल लाइन में परिवर्तित करने का कार्य अधर में लटका हुआ था. सारण के तत्कालीन सांसद सह रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में अमान परिवर्तन की गति पकड़ी और कार्य पूर्ण हो गया. छपरा- मशरक- थावे- कप्तानगंज रेल खंड का सबसे पहले थावे- कप्तानगंज का कार्य हुआ. फिर छपरा से मशरक के बीच कार्य पूरा हो गया जिस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया लेकिन अंतिम चरण में पूरा हुए मशरक-थावे रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का मामला अधर में लटका हुआ है. करोड़ों रुपये खर्च कर कार्य पूरा हो जाने के बाद भी परिचालन बहाल नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
ट्रेनों का परिचालन बहाल करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. छपरा जंकशन और छपरा कचहरी तथा छपरा ग्रामीण जंकशन पर भी कई योजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया जाना है. इसको लेकर रेलवे मंत्रालय को पत्र भेजा गया है. रेल मंत्री के कार्यक्रम की स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
अशोक कुमार, रेलवे जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी मंडल, पूर्वोत्तर रेलवे
