राहुल सांकृत्यायन ने साहित्य व इतिहास को एक सूत्र में बांधा : उषा
छपरा(नगर) : हिंदी यात्रा साहित्य के पितामह, अग्रणी विचारक महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 124वीं जयंती जयप्रकाश विश्वविद्यालय के सीनेट सभागार में श्रद्धापूर्वक मनाई गयी. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री उषा किरण खान, साहित्यकार व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रामउपदेश सिंह, कुमार बिहारी पांडेय तथा कुलपति प्रो हरिकेश सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. डॉ लालबाबू यादव ने आगंतुक अतिथियों का परिचय कराया तथा कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराते हुए महापंडित राहुल सांस्कृत्यायन में जीवन वृत्तांत से सभा को अवगत कराते हुए उनके लेखनी की समृद्धि और उसके महानता पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ख्याति प्राप्त साहित्यकार पद्मश्री उषा किरण खान ने महापंडित द्वारा साहित्य व इतिहास के क्षेत्र में किये गये अतुल्य योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि राहुल सांकृत्यायन संपूर्ण भारत के लिए एक गर्व का विषय है. जिस सकारात्मक ऊर्जा के साथ उन्होंने विदेशों से साहित्य का संग्रह किया और जिस गति से अपने यात्रा वृतांतों को शब्दों में सहेज कर समाज के सामने एक सशक्त उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया वो निश्चित ही अविस्मरणीय है. उन्होंने कहा कि महापंडित ने मध्य एशिया का इतिहास जिस सरलता के साथ लिखा वो एक साक्षर व्यक्ति भी बड़ी आसानी से समझ सकता है. राजनीति शास्त्र व इतिहास के छात्रों को उनके रचनाओं पर शोध कर उसे प्रचारित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल सांकृत्यायन एक सुपर नेचुरल पावर थे जिन्होंने साहित्य और इतिहास को एक सूत्र में बांध कर समाज को एक नया दिग्दर्शन दिया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध साहित्यकार तथा बिहार के पूर्व मुख्य सचिव रामउपदेश सिंह ने कहा कि राहुल जी सिर्फ लेखनी और शब्दों के महारथी नही थे बल्कि वो एक सच्चे कर्मवीर थे.
उन्होंने विदेशों से जिन अमूल्य साहित्यों का संग्रह किया और भारतीय साहित्य को जिस नई ऊंचाई पर ले जाने का काम किया उसे कभी भूला नहीं जा सकता है. वहीं विचारक कुमार बिहारी पांडेय ने बताया कि महापंडित राहुल सांकृत्यायन की यात्रा वृतांत सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक है जिसमें वर्तामान समाज के दर्शन होते हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेपीयू के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया और महापंडित राहुल सांकृत्यायन की जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सबका आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम की संयोजिका हिंदी विभाग की अध्यक्षा डॉ सुधा बाला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सारण की धरती से महापंडित के लगाव से सभा को अवगत कराया. इस अवसर पर जेपीयू के डीएसडब्लू प्रो ए. के.झा, कुलसचिव डॉ विभाष कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ अनिल कुमार सिंह, पीआरओ केदार हरिजन समेत शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
