आंदोलन . सेविका-सहायिकाओं ने दिया धरना
छपरा(सारण) : आंगनबाड़ी की सेविका-सहायिकाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और अब अपना अधिकार लेकर ही मानेंगी. उक्त बातें बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर शिशु पार्क के पास आयोजित धरना को संबोधित करते हुए मंगलवार को वक्ताओं ने कहीं. अध्यक्ष ललिता ने कहा कि 24 मार्च से ही सेविका-सहायिकाएं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला बंद है. बच्चों को पोषाहार भी नहीं मिल रहा है. नियमित टीकाकरण नहीं हो रहा है. पल्स पोलियो अभियान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण आंदोलन व्यापक रूप ले चुका है.
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए हेवांती देवी व निशा सिंह ने कहा कि हड़ताल समाप्त कराने के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार हमारी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है. बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य की सरकार को कोई चिंता नहीं है.उन्होंने कहा कि समय रहते सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, तो यह आंदोलन जनआंदोलन का रूप ले सकता है. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को सामान रूप से दोषी बताया और कहा कि दक्षिण के राज्यों में सेविका-सहायिका को 25-30 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है,पर हमें मनरेगा मजदूरों की मजदूरी से भी कम मानदेय दिया जा रहा है. धरना को अनिता देवी, पुष्पा मिश्रा, सरोज बाला, आरती देवी, किरण कुमारी, ललिता सिंह, ललिता देवी, गीता देवी, प्रभावती देवी, बबिता गोस्वामी, सरिता राय, पूनम मिश्रा, अल्पना देवी, मिथिलेश देवी, सुलेखा देवी समेत अन्य ने संबोधित किया.
